मनुष्य को विवेक से व्यवस्थित जीवन जीना चाहिए:- गौवत्स सत्यनारायण महाराज
उदयपुर,कन्हैयालाल मेनारिया । हरि बोल प्रभात फेरी मण्डल द्वारा संचालित हरि बोल गौशाला जिला भीलवाड़ा के तत्वाधान में तेलनखेड़ी ग्राम में सामूहिक रूप से राम कथा का आयोजन करवाया जा रहा है । कथा व्यास राष्ट्रीय प्रवक्ता गौवत्स श्री सत्यनारायण महाराज ने कथा में बताया कि ज्ञान और विवेक में अन्तप होता है। मानव को विवेकपूर्ण जीवन जीना चाहिए । सतसंग के बिना विवेक उत्पन्न नहीं होता है और सत्संग बिना राम की कृपा से नहीं मिलता है ।
कथा में प्रसंगवश भगवान राम द्वारा गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुरी में जाकर धनुष भंग करके सीता स्वयंवर में राम-जानकी विवाह सम्पन्न हुआ।
गौशाला के सचिव श्याम लाल शर्मा ने बताया कि धनुष भंग के प्रसंग में महाराज की प्रेरणा से कई भक्तों ने जीवन के व्यसन छोड़े । सज्जन सिंह जी चारण ने बीड़ी- सिगरेट, तथा ठा. सा. नारायण सिंह जी ने शराब सेवन का त्यात किया । कृष्णा बाईसा ने कॉफी तशा हरु बाईसा ने चाय नहीं पीने का संकल्प लिया ।
कथा में कलवल, वरणी इडरा, अरनेड़, मुजरास, सेणुन्दा सहित कई गाँवों से भक्त पधारे। 1 मई को कथा की पूर्णाहूति होगी।
