शिक्षा विभाग के पेंडिंग प्रकरण अभिलंब निस्तारण की मांग

उदयपुर जिले मे सबसे अधिक पेंडिंग प्रकरणों के चलते शिक्षकों व शारीरिक शिक्षकों में रोष व्याप्त

शाला दर्पण पोर्टल पर स्टाफ विंडो के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी किए गए किंतु 6 माह से कार्यवाही नहीं 

बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । शिक्षा विभाग में जिम्मेदार अधिकारियों एवं अधीनस्थ कार्मिकों द्वारा कार्य करने का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था होने के बावजूद एसीपी के प्रकरण बड़ी संख्या में लंबित पड़े हैं जानकारी के अनुसार गत सरकार द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के लिए प्रोग्रेशन स्कीम एसीपी के 10, 20, 30 वर्ष के स्थान पर 9,18 ,27 वर्ष का प्रावधान करने के बाद इसे मॉडिफाई एसीपी (एमएसीपी)नाम दिया गया। इस हेतु शाला दर्पण पोर्टल पर स्टाफ विंडो के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी किए गए किंतु लगभग 6 माह बीत जाने के बाद भी उन्हें एमएसीपी स्वीकृति के आदेश नहीं मिल रहे हैं जबकि शाला दर्पण पोर्टल पर स्टेटस रिपोर्ट पेंडिंग ही मिल रही है जिससे समय पर शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है इस संबंध में राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के महामंत्री डां.भेरूसिंह राठौड़ ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा व निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को ज्ञापन भेज कर पेंडिंग प्रकरणों के अभिलंब निस्तारण की मांग की है। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तर से भी माध्यमिक शिक्षा निदेशालय राजस्थान बीकानेर के वित्तीय सलाहकार संजय धवल द्वारा 1मार्च को राज्य के समस्त संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा,समस्त जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय,समस्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी तथा समस्त प्रधानाचार्य राजकीय शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर शाला दर्पण पोर्टल पर एसीपी /एमएसपी के लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण हेतु निर्देश दिए गए थे सभी जिलों में कार्य व्यवस्थित हो रहा है सिर्फ उदयपुर जिले मे यह सब लंबीत पड़े हैं यह जांच का विषय है इससे शिक्षकों व शारीरिक शिक्षकों में रोष व्याप्त है। जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने बताया कि ज्ञापन देने में गोवर्धन सिंह झाला, हीरालाल सुथार, विजय मेनारिया बाबूलाल रावत,जगन्नाथ सिंह चूंडावत ,गजेसिंह देवड़ा आदि कई शारीरिक शिक्षक थे।

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