नामांकन वापस लेना था ,प्रत्याशी फोन बंद कर हुआ गायब : कांग्रेस ने BAP से किया गठबंधन,प्रत्याशियों को नहीं आया रास
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को लगातार एक के बाद झटके लग रहे हैं। चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम अवसर पर लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी अरविंद डामोर और बागीदौरा विधानसभा उपचुनाव के प्रत्याशी कर्पूर सिंह ने बीएपी से गठबंधन के बाद भी नाम वापस नहीं लिया। दोनों ही प्रत्याशी जिला और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दबाव के बाद भी नहीं माने और फोन स्विच ऑफ कर दिनभर गायब रहे।
प्रत्याशी का नामांकन वापस लेने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी से सुबह से ही कॉल आते गए, लेकिन जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र पंड्या का दोनों ही प्रत्याशियों से कोई संपर्क नहीं हो पाया और हताश दिखे। प्रत्याशियों के नामांकन वापस नहीं लेने पर राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा शुरू हुई है कि कांग्रेस प्रत्याशी के चुनाव लड़ने से चुनाव में भाजपा को काफी राहत मिलेगी। इसलिए भाजपा का खेमा भी कांग्रेस प्रत्याशी के नाम वापस नहीं लेने का इंतजार करते दिखे।
कांग्रेस भी नाम वापसी में दो खेमों में बंटी
जहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी नाम वापस लेने का दबाव बनाती दिखी वहीं लोकसभा क्षेत्र में डूंगरपुर जिला कांग्रेस कमेटी नाम वापसी का विरोध सुबह से करती रही। जबकि बांसवाड़ा जिला कांग्रेस से प्रत्याशी को नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया।
बांसवाड़ा में अब 8 प्रत्याशियों में टक्कर
नामांकन वापसी का समय पूरा होने के बाद अब चुनाव में प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। लोकसभा चुनाव के लिए कुल 8 उम्मीदवार मैदान में है। इसमें भाजपा से महेंद्रजीतसिंह मालवीया, कांग्रेस से अरविंद डामोर, बीएपी से राजकुमार रोत, बसपा से दिलीप मीणा, इंडियन पीपल ग्रीन पार्टी से शंकरलाल बामनिया, वहीं निर्दलीय से बंसीलाल, राजकुमार और राजकुमार चुनाव लड़ेंगे। इधर, बागीदौरा विधानसभा उप चुनाव में तीन प्रत्याशी है, भाजपा से सुभाष तम्बोलिया, बीएपी से जयकृष्ण और कांग्रेस से कर्पूर सिंह चुनाव लड़ेंगे।
