बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने किया बाप से गठबंधन ,प्रदेश प्रभारी रंधावा ने कहा – बांसवाड़ा लोकसभा और बागीदौरा विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस भारत आदिवासी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करेंगी
बांसवाड़ा डूंगरपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस के चुनाव लड़ने और नहीं लड़ने को लेकर बीते 4 दिन से चल रही चर्चा पर आखिर रविवार डर रात को विराम लग गया। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कांग्रेस और बीएपी के गठबंधन की घोषणा कर दी। उन्होंने लिखा-कांग्रेस बांसवाड़ा लोकसभा और बागीदौरा विधानसभा सीट पर उप चुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन करेगी।
यह तस्वीर पहले ही साफ हो गई थी जब नामांकन के समय पूर्वमंत्री अर्जुंन सिंह बामनिया अपने पैर पीछे खींच लिए और अरविंद डामोर को पार्टी का सिंबॉल दिया गया। आजादी के बाद या पहला मौका होगा की कांग्रेस इस लोकसभा सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी। जबकि यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ कही जाती रही है। अब संभावना है कि दोनों जगह कांग्रेस के प्रत्याशी सोमवार को नामांकन वापस ले लेंगे। इससे दोनों सीटों पर अब भाजपा और बीएपी में सीधा मुकाबला होगा। 72 साल में पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस कांग्रेस लोकसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारकर गठबंधन कर रही है।
इस मामले में ज़िलाध्यक्ष रमेश पंड्या ने कहा कि हमें तो जो हाईकमान आदेश दे, वह करना है। मेरी अर्जुन बामनिया जी से बात हुई तो उन्होंने भी कहा कि मैसेज तो वही आया है। बीएपी से गठबंधन करना है। बीएपी से गठबंधन की बात चल रही है। कांग्रेस ने परिस्थिति को देखते हुए फैसला लिया है। बांसवाड़ा उप जिला प्रमुख डॉ. विकास बामनिया ने कहा कि बीएपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन हो चुका है। यह समय की मांग है। बांसवाड़ा में काफी उत्साह है। बीएपी के कैंडिडेट को बढ़त मिलेगी। जीत का मार्जिन बढ़ेगा।
