उदयपुर में मिले 22 मंप्स रोगी, चिकित्सा विभाग अलर्ट : 9 साल तक के 12 बच्चे और 20 साल से ज्यादा के 9 जने मिले पीड़ित
उदयपुर में मंप्स रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे है। आज ही एक साथ 22 रोगी सामने आए तो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा रोगी 9 साल तक के बच्चे आए जिनकी आज की संख्या 12 है।
उदयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शंकर एच बामनिया ने बताया कि जिले में आज अलग-अलग स्थानों की ओपीडी में 22 मंप्स के रोगियों की पहचान की गई। जिले के मेडिकल कॉलेज और सभी चिकित्सा संस्थानों को निर्देश जारी किए गए हैं कि चिकित्सा संस्थानों पर आने वाले रोगियों की जांच कर मंप्स के रोगियों की पहचान कर रिपोर्टिंग समय पर की जाए।
उन्होंने बताया कि आज ओपीडी में 22 मंप्स रोगी की पहचान की गई। इसमें 0 से 9 वर्ष तक के 12 बच्चे, 10 से 19 वर्ष तक का 1 बालक और 20 वर्ष से अधिक के 9 वयस्क मंप्स रोग से पीड़ित पाए गए।
डॉ बामनिया ने बताया कि बदलते मौसम और ठंडी खाने की चीज़ों से बचाव करने से मंप्स रोग से बचा जा सकता है इसलिए सावधानी रखी जाए।
बच्चों के खांसने-छींकने के दौरान इस बीमारी से उनके परिवार के बड़े भी इसका शिकार हो रहे हैं, हालांकि बड़ों में इस बीमारी का खतरा बच्चों की अपेक्षा कम है लेकिन आज 20 साल से ज्यादा उम्र के 9 मरीज सामने आए तो सबको चौंका दिया।
मंप्स बीमारी के लक्षण
- गले में सूजन और दर्द के साथ शारीरिक कमजोर महसूस हो तो तत्काल डॉक्टर के पास जाकर परामर्श लेकर उपचार शुरू कराना होगा।
- कान के नीचे और गले के बीच भीतर से फुंसी के समान बढ़ने वाला बड़ा हिस्सा इस बीमारी की पहचान है।
- विभाग की ओर से गले में दर्द, सूजन व शारीरिक कमजोरी इस बीमारी के लक्षण बताए गए हैं।
- मंप्स रोगी की लार ग्रंथी में एक से तीन दिन तक दर्द रहता है। ऐसे ही सूजन के साथ मांसपेशियों में भी दर्द बढ़ता है। इससे भूख में भी कमी आती है।
बच्चों को नरम आहार दें
डॉक्टरों के अनुसार मंप्स का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है। बेचैनी को कम करने के लिए बच्चों को नरम आहार देना चाहिए और उन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, जिन्हें ज्यादा चबाना पड़ता है या जो अम्लीय होते हैं।
