कांग्रेस नेता एवं पूर्व उदयपुर शहर विधानसभा प्रत्याशी गौरव वल्लभ ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा, कहा : सनातन विरोधी नारे नही लगा सकता
धर्म एव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षितः तस्माधर्मो न हन्तव्यो मा नो धर्मो हतोऽवधीत्… महाभारत का ये श्लोक लिखकर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व उदयपुर शहर विधानसभा प्रत्याशी गौरव वल्लभ ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम उन्होंने लेटर लिखकर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
गौरव ने इस्तीफ के जानकारी सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर की है। उन्होंने लिखा- कांग्रेस पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है,उसमें मैं ख़ुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा। मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता हूं।

गौरव ने अपने लेटर में लिखा
- भावुक हूं, मन व्यथित है और बहुत कुछ कहना चाहता हूं लेकिन भावनाएं आहत नहीं करना चाहता।
- पिछले कुछ दिनों से पार्टी के स्टैंड को लेकर असहज महसूस कर रहा हूं।

