उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वल्लभनगर अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर न्यायिक कार्यों का किया बहिष्कार

बार सभागार में हुआ अधिवक्ताओं का बैठक का आयोजन, लिए अहम निर्णय

बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । उदयपुर से पहले बीकानेर में वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच की घोषणा होने के विरोध एवं उदयपुर में वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच खोलने की मांग को लेकर वल्लभनगर बार एसोसिएशन अध्यक्ष रमेश चंद्र सांगावत के नेतृत्व में शुक्रवार को भी कोर्ट परिसर में धरना-प्रदर्शन व नारेबाज़ी करते हुए अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। बार अध्यक्ष रमेश चंद्र सांगावत ने बताया कि मेवाड़-वागड़ संघर्ष समिति द्वारा उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की जायज मांग को लेकर पिछले 40 वर्षों से सतत आंदोलन किया जा रहा है और प्रत्येक माह की 7 तारीख को उदयपुर संभाग के समस्त अधिवक्तागण न्यायिक कार्यों में भाग नहीं लेते हैं एवं विधि एवं न्याय मंत्री ने उदयपुर में वर्चुअल कोर्ट खोलने का आश्वासन दिया था। लेकिन, उदयपुर से पहले बीकानेर में इसकी घोषणा हो गई।

बार अध्यक्ष रमेश चंद्र सांगावत व महासचिव बाबूलाल डांगी ने बताया कि जिले को हाइकोर्ट बेंच और वर्चुअल हाईकोर्ट बेंच नहीं मिलने पर सभी अधिवक्ता गत 11 मार्च से कोर्ट में न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन, सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है और समस्या का कोई हल नहीं निकला है। इसी के चलते शुक्रवार को सभी अधिवक्ता सुबह करीब 11 बजे कोर्ट परिसर में एकत्रित हुए। जहां से नारेबाज़ी करते हुए विरोध प्रदर्शित किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ और हाईकोर्ट बेंच देने के लिए नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होने तक नियमित रूप से वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था कराने की मांग की है।

इसके साथ ही अधिवक्ताओं की जनरल हाउस की बार सभागार में बैठक का आयोजन हुआ। जिसमे कई तरह के निर्णय लिए गए। जिसमें वल्लभनगर में एडीजे कोर्ट, एनआई एक्ट न्यायालय एवं भू प्रबंधन अधिकारी एवं राजस्व अपील अधिकारी का कैंप कोर्ट की मांग के लिए हर माह की 7 तारीख को हड़ताल जारी रखना तय किया, तथा जिला न्यायालय या बार काउंसिल ऑफ जोधपुर द्वारा जब कभी भी प्रदेश या जिले में अधिवक्ता गण के हितों को लेकर कार्य स्वेच्छिक़ स्थगित किया जाएगा उस दौरान वल्लभनगर बार एसोसिएशन द्वारा भी कार्य स्थगित रखा जाएगा, जिसमें सभी अधिवक्तागण सहयोग करेंगे और जो अधिवक्तागण बार संघ के निर्णय में सहयोग नहीं करेगे, उन अधिवक्तागण के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्य की जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान बार अध्यक्ष रमेश चंद्र सांगावत, अभिमन्यु जाट, पुष्पेंद्र सिंह राणावत, मुकेश डांगी, ललित जैन, भगवानलाल मेनारिया, बार महासचिव बाबूलाल डांगी, वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चंद्र बडाला, पूर्व बार अध्यक्ष अजीत प्रसाद नीमडीया, उपाध्यक्ष अनूप पुजारी, वित्त सचिव योगेंद्र माली, मुकेश गोपावत, पूर्व महासचिव दुर्गेश मेनारिया, श्रवण कुमार पोखरना, पुर्व बार अध्यक्ष मुकेश कुमार मेनारिया, गजेंद्र ओस्तवाल, भूपेंद्र कुमार मेनारिया, पुस्तकालय सचिव सुरेशचंद्र मेनारिया, नारायण गाडरी, शरीफ मोहम्मद, सचिव कैलाश मेघवाल, ललित डांगी, लहरीलाल डांगी, भेरू सिंह रावत, चंद्रप्रकाश मेघवाल, ललिता मेनारिया सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।

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