शादी के 9 दिन बाद जेवर लेकर फरार हुई लुटेरी दुल्हन,2.56 लाख की ठगी

बांसवाड़ा जिले के घाटोल कस्बे में एक अधेड़ शादी के नाम पर ठगी का शिकार हो गया। मामले को लेकर पीड़ित ने घाटोल थाने में दुल्हन, दुल्हन के भाई व दलाल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में पीड़ित ने बताया- मैं तलाकशुदा हूं। पूर्व पत्नी से मेरे बच्चे भी हैं। तलाक हो जाने से पुराने परिचित भंवर सिंह निवासी माही कालोनी से मोबाइल नंम्बर लेकर इंदौर के सोनू सुथार से संपर्क किया। उसके कहे अनुसार 16 फरवरी को मैं व मेरे साथ दिलिप पुत्र कन्हैयालाल जैन, भंवर सिंह तीनों इंदौर गए। सोनू के कहे अनुसार पत्थर मोहल्ला ब्रिज के पास गए वहां पर हमको सोनू मिला उसने हमको एक किराए के मकान में एक लड़की दिखाई। जिसका नाम व पता इन्दू सोलंकी पुत्री भजन सिंह सोलंकी उम्र 28 साल निवासी मेहरजा की होना बताया। हम दोनों ने आपस में बात की। मैंने अपने एवं अपने परिवार के बारे में बताया कि मेरे बच्चे हैं एवं पत्नी से तलाक हो चुका है। इसके बाद उसने मुझसे विवाह करना स्वीकार किया। उसने अपने बारे में बताया कि वह तलाकशुदा है एवं अब वह विवाह करना चाहती है। दोनों आपस में विवाह के लिए सहमत हो गए। इसके बाद 17 फरवरी को इंदौर के गणेश मंदिर में इन्दु के परिवार के भाई मंगल सिंह एवं राकेश सोलंकी एवं उसकी बहन कंचन व दलाल सोनू व मेरे पक्ष से दिलिप एवं भंवर सिंह थे। इन सब की मौजूदगी में मदिर में विवाह कर लिया।

⁠ इसके बाद मैंने एवं इन्दु ने इन सब की मौजूदगी में एक शपथ पत्र भी विवाह का तैयार करवाया था। इन्दु एवं उसके परिवार के लोग मंगल सिंह एवं राकेश सोलंकी एवं उसकी बहन कंचन व दलाल सोनू व मेरे पक्ष से दिलिप एवं भंवर सिंह सब उसी दिन रवाना होकर अपने घर पर आ गए।

यहां आने के बाद इन सब काम के लिए मैंने सोनू दलाल को दो लाख 50 हजार रूपए दिए। उनका किराया 6 हजार भी मैंने ही दिया। वो लोग इन्दु को वहां पर छोड कर रात को घाटोल से वापस चले गए। 26 फरवरी सुबह करीब 6.30 बजे इन्दु झाडू निकालने का बहाना कर घर से बाहर निकली। बाहर उसके भाई मंगल सिंह एवं राकेश सोलंकी दोनों मोटरसाइकिल लेकर आए एवं इन्दु को अपने साथ मोटरसाइकिल पर बैठा कर लेकर चले गए।

मैंने सोनू दलाल को फोन किया तो उसने बताया कि मैं इन्दु को पूछता हूं और वापस लेकर आता हूं। इसके बाद अब तक नहीं आई है। इन्दु के जाने के बाद घर पर देखा तो एक सोने की चेन एवं तीस ग्राम की एवं चांदी के पाएजेब करीब 70 ग्राम के थे वो साथ लेकर चली गई।

 

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