लोकसभा चुनाव 2024 : 8 सीटो पर मुकाबला तय,आमने – सामने वाली 8 सीटे भाजपा ने पिछले चुनाव में ढाई से 5 लाख वोटो के मार्जिन से जीती
भाजपा के बाद कांग्रेस ने 10 प्रत्याशी मैदान में उतार दिए है। आठ लोकसभाओं में प्रत्याशी आमने – सामने है। जिन जगहों पर पर प्रत्याशी आमने सामने है। वहां पर कांग्रेस के उम्मीदवारों को बड़ी मेहनत की दरकार है। अधिकांश सीटों पर पिछली बार का मार्जिन बड़ा है।
खासकर चित्तौड़, उदयपुर, अलवर, जोधपुर आदि सीटों पर। इन सीटों पर पौने तीन लाख से पौने छह लाख वोटों का मार्जिन है। 2019 में भीलवाड़ा के बाद चित्तौड़ लोकसभा सीट ऐसी थी जहां पर भाजपा की बड़ी जीत हुई थी। भाजपा के लिए मेवाड़ एक तरह से भाजपा की सबसे मजबूत बेल्ट है।
उधर भाजपा में जिन आठ सीटों पर प्रत्यशी घोषित किए है। उन सीटों पर कांग्रेस के लगभग सभी नए चेहरे है जबकि भाजपा के चार पुराने सांसद ताल ठोक रहे है। भरतपुर सांसद रंजीता कोली का टिकट तो कटा लेकिन इस सीट से पूर्व सांसद को ही टिकट दिया गया है ।
सवाई माधोपुर में मार्जिन कम रहा था, दौसा और धौलपुर सबसे कम मार्जिन से जीते थे : सवाई माधोपुर सीट से पिछली बार मार्जिन एक लाख 11 हजार रहा था। ये ऐसे में भाजपा को ये सीट बचाने के लिए मेहनत करनी होगी । वहीं कांग्रेस को इस सीट को जीतने के लिए ताकत लगानी होगी। उधर झुंझुनूं से 3 लाख का मार्जिन रहा था। करौली धौलपुर और दौसा की सीटें भाजपा ने एक लाख के कम अंतर से जीती थी।

चूरू, सवाई माधाेधपुर, दाैसा, बांसवाड़ा, नागाैर बनने जा रही हैं हाॅट सीट
चूरू में राहुल कस्वां के कांग्रेस का प्रत्याशी बनने के बाद ये हाॅट सीट बन गई है। भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र झांझडिया वहां से भाजपा प्रत्याशी है। सवाई माधाेपुर हरीश मीणा के चुनाव लड़ने से हाॅट सीट बनने जा रही है।
दाैसा से विधायक मुरारीलाल मीणा लाेकसभा प्रत्याशी है। इस सीट से पिछली बार उनकी पत्नी सविता मीणा ने चुनाव लडा था और 78 हजार का गेप है। नागाैर सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी या गठबंधन का इंतजार है। हालांकि ज्याेति मिर्धा के प्रत्याशी बनाएं जाने के बाद से ही ये सीट चर्चा में है।
बांसवाड़ा में महेंद्रजीत सिंह मालवीया के कांग्रेस छाेड़कर भाजपा से टिकट लाने के बार से ही ये हाॅट सीट बनी हुई है। उधर जयपुर के प्रत्याशी भाजपा और कांग्रेस ने घाेषित नहीं किए है। ऐसे में ये सीट भी चर्चा में बनी हुई है।
