पुर्व सीएस निरंजन आर्य की पत्नी RPSC मेंबर संगीता आर्य के घर ACB का छापा,EO भर्ती रिश्वत मामले में पूछताछ की

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की मेंबर डॉ. संगीता आर्य के अजमेर स्थित सरकारी आवास पर आज भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), जयपुर की टीम ने सर्च की। एडिशनल एसपी सुरेंद्र सिंह राठौड़ के निर्देशन में शाम 4 बजे यह कार्रवाई शुरू की गई थी। ACB ने संगीता आर्य से एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (EO) भर्ती और कांग्रेस नेता गोपाल केसावत के बारे में पूछताछ की। इसके बाद एसीबी की टीम जयपुर रवाना हो गई।

दरअसल, 8 महीने पहले EO भर्ती के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी। कुल 40 लाख रुपए मांगे गए थे। ACB के सत्यापन (जांच) में 25 लाख में डील फाइनल होना सामने आया था। मामले में जयपुर एसीबी और सीकर की टीम ने गोपाल केसावत सहित चार दलालों को 18.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

एसीबी एएसपी सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि गोपाल केसावत से जुड़े मामले में पूछताछ की है। मामले में जल्द आरपीएससी की एक अन्य सदस्य मंजू शर्मा से भी पूछताछ होगी।

संगीता के पति निरंजन आर्य रिटायर्ड IAS अफसर हैं। वे मुख्य सचिव (CS) रहे हैं। जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे, तब निरंजन आर्य उनके सलाहकार थे। संगीता आर्य की नियुक्ति पिछली गहलोत सरकार के कार्यकाल में हुई थी। संगीता ने 14 अक्टूबर 2020 को मेंबर के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

संगीता आर्य 2013 में सोजत विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि, वह भाजपा प्रत्याशी संजना आगरी से चुनाव हार गई थीं। RPSC में वेटरनरी ऑफिसर और जूनियर लीगल ऑफिसर के इंटरव्यू चल रहे थे। संगीता आर्य बोर्ड में शामिल हैं। वह लंच के दौरान सिविल लाइंस स्थित घर आई थीं। इसी बीच एसीबी, जयपुर की टीम भी उनके घर पहुंच गई। संगीता आर्य से जब एसीबी पूछताछ कर रहे थे, तब घर पर निरंजन आर्य भी मौजूद थे।

कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा से आज होगी पूछताछ

कवि कुमार विश्वास की पत्नी मंजू शर्मा से आज पूछताछ होगी। मंजू ने 15 अक्टूबर 2020 को आरपीएससी सदस्य का पदभार ग्रहण किया था। वह मूल रूप से अजमेर की ही रहने वाली हैं। मंजू शर्मा ने राजस्थान यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है। उन्होंने आरपीएससी से कॉलेज लेक्चरर की परीक्षा पास कर राजस्थान के ही कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में जॉइन किया था।

यह था मामला

सीकर एसीबी को दो परिवादियों से 7 जुलाई को शिकायत मिली थी कि दो अभ्यर्थियों को EO भर्ती मेरिट में लाने के लिए आरोपी अनिल कुमार ने 40-40 लाख रुपए मांगे। इसमें 25 लाख रुपए पहले और बचे 15 लाख रुपए काम होने के बाद देने की बात कही गई थी। दलालों और पीड़ितों के बीच 25 लाख रुपए में बात बनी। शिकायत सही पाए जाने के बाद बाद सीकर टीम के साथ जयपुर की टीम भी सक्रिय हो गई।

एसीबी ने 18.50 लाख रुपए रिश्वत लेते सीकर में दलाल अनिल कुमार और ब्रह्मप्रकाश को रंगे हाथों पकड़ा। गोपाल केसावत को भी पैसे पहुंचने थे। पीड़ित ने अन्य दलाल रविन्द्र शर्मा को 7.50 लाख रुपए निकालकर दिए। वह 15 जुलाई को जयपुर के प्रताप नगर स्थित केसावत के घर ये रुपए देने पहुंचा था। ऐसे दोनों को एसीबी ने पकड़ लिया।

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