राजस्थान : डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर करोड़ों की ठगी,सालभर में 200 लोगों को चूना लगाया; लिंक पर क्लिक करते ही शुरू हो जाता खेल
अलवर । भारतीय डिजिटल सेवा केंद्र का रिटेलर, डिस्ट्रीब्यूटर, मास्टर डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह को साइबर थाने की टीम ने दबोचा है। अभी तीन जनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 20 मोबाइल, 11 सिम, 7 लैपटॉप और दो बैग बरामद किए हैं। अभी पुलिस गहनता से पूछताछ करने में लगी है। पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह ने करीब 100 से 200 लोगों को शिकार बनाया है। पुलिस ने गिरोह के सुभाष चंद पुत्र रामलाल कसवा निवासी ग्राम झारिया खारा चूरू,डालचंद पुत्र फूल चंद निवासी जटवाड़ा बहतूकला, नीरज पुत्र देशरात निवासी जटवाड़ा बहतूकला को गिरफ्तार कर लिया।
चार जनों से 3 लाख 86 हजार ठगे
साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर लाल ने बताया कि विक्रांत कुमार से भारतीय डिजिटल सेवा केंद्र का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर 1 लाख 86 हजार रुपए ठगे हैं। जिसने 6 मार्च को साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी परिवादी के दोस्त अनिल सिंह से 1 लाख 50 हजार रुपए, सूरत नाम के व्यक्ति से 16 हजार 500 और बॉबी से 30 हजार रुपए ठगे हैं। मतलब कुल चार जनों से 3 लाख 86 हजार रुपए ठग लिए। जबकि पुलिस का अनुमान है कि गिरोह ने 100 से 200 लोगों से ठगी है। उस आधार पर कहा जा सकता है कि ये अब तक कई करोड़ रुपए ठग चुके हैं।
वारदात का तरीका
गिरोह का ठगी का यही तरीका था कि वे नए नंबरों पर मैसेज भेजते थे। जिसमें लिखा जाता था कि आप भारतीय डिजिटल सेवा केंद्र का रिटेलर व डिस्ट्रीब्यूटर बन सकते हैं। इस तरह मैसेज के साथ लिंक आता था। उसे क्लिक करने पर गिरोह के जरिए संबंधित व्यक्ति के पास फोन आता था। फिर वो पूरा जाल बिछाकर रकम वसूलते थे। रकम लेने के बाद नंबर बदल लेते थे। इस तरह 100 से अधिक लोगों से ठगी की है। जिसकी पड़ताल में पुलिस लगी है
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