जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने एक बार फिर दिखाई सादगी ,बेटियों के संग जमीन पर बैठकर देखा” हां, में सावित्रीबाई फुले ” नाटक
सलूम्बर जिला ब्यूरो चीफ,नितेश पटेल । सलूम्बर कस्बे में स्थित सार्वजनिक पुस्तकालय में “हां, मैं सावित्रीबाई फुले” नाटक का संवाद कार्यक्रम हुआ शुक्रवार को सार्वजनिक पुस्तकालय सलूंबर में विशाखा संस्था द्वारा आयोजित इस नाटक में सलूंबर जिले की 20 गांव की 180 किशोरियां 25 महिलाएं और जनप्रतिनिधिओ ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शिरकत करते हुए सलूंबर कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने बेटियों के संग बैठकर नाटक को जमीन पर बैठकर देखा।
कलेक्टर की सादगी एक बार फिर दरअसल जसमीत सिंह संधू की सादगी का पूरा सलूम्बर जिला कायल है शुक्रवार को फिर कलेक्टर ने बेटियों के साथ जमीन पर बैठकर जो सन्देश दिया वह अपने आप मे उदाहरण हैं इससे पूर्व कलक्टर एक ग्राम पंचायत में किसानों से संवाद करते समय किसानों के बीच जमीन पर बैठ गये थे।
नाटक को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश अग्रवाल ने भी देखा नाटक में लड़कियों में समाज में शिक्षा, जातिगत भेदभाव उनके जीवन को कैसे प्रभावित कर रहा है की घटनाओं को बताया। सावित्रीबाई और ज्योतिबा की कहानी, पल-पल शिक्षा को बढ़ाने और सामाजिक गैर बराबरी को कम करने के सवाल करने की बात करती है। नाटक में सावित्री कहती है कि मैं जो कह रही हूं और जो जीवन जी रहे होंगे, अलग अलग नहीं हो सकते। सावित्री अंत तक ये लड़ाई लड़ती रही ।महामारी में लोगों की जान बचाते हुए प्लेग से सावित्री बाई की मृत्यु हो गई।
नाटक में विशाखा संस्था के सलूंबर ऑफिस से उमा, बसंती शिल्पा, छोटू राम, शिवदयाल में तथा हमकदम केंद्र से प्रियंका आदि ने कार्यक्रम में भाग लिया।
नाटक में सावित्री, ज्योतिबा फुले ओर आस पास के अन्य किरदारों को पूरी तरह से जीवंत किया मुम्बई रंगमंच और आकाशवाणी की कलाकारा शिवांगी भुजबल ओर शिल्पा साने ने नाटक का निर्देशन सुषमा देशपाण्डे का था ।
