ऋषभदेव : पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तीसरे दिन गाजे बाजे के साथ भगवान आदिनाथ की शोभयात्रा, नृत्य कर मनाई खुशियां,आचार्य वर्धमान सागर ससंघ के सानिध्य में हुआ राज्याभिषेक,दीक्षा विधि संस्कार
श्रीमद चौबीसी जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा महामहोत्सव के तीसरे दिन मंगलवार को आदिनाथ भगवान की गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान जैन समाज के लोगों ने नृत्य कर खुशियां मनाई। यात्रा गुरुकुल स्थित वर्धमान सभागार पहुंची। आचार्य पर ससंघ के सानिध्य में जयकारों के बीच संहिता सूरि पंडित धरियावद, पंडित मार्तंड के मंत्रोच्चार के भगवान के माता-पिता ने तीर्थंकर बालक का राज्याभिषेक किया। बाद में वैराग्य दर्शन व तीर्थंकर महाराज का गृह त्याग का मंचन किया गया। आचार्य श्री के सान्निध्य में दीक्षा विधि संस्कार,तपकल्याणक पूजा व हवन किया गया।
महामहोत्सव के तहत वर्धमान सभागार में आयोजित प्रवचन सभा में आचार्य वर्धमान सागर ने कहा कि आज आपने तीर्थंकर बालक की देव बालकों के साथ क्रीड़ा देखी है। संसार का हर प्राणी क्रीड़ा करता है, जो किसी भी रूप में होती है। संसार असार है। इस असार संसार में रहने वाले सुख की कल्पना कर लौकिक सुख चाहते हैं। संसार समुद्र में दुख से डूबे हैं। संसार में सुख नहीं है।
सुख शाश्वत होना चाहिए और शाश्वत सुख धर्म से मिलता है और धर्म से पुण्य कमाया जाता है। पुण्य से ही सुख की राह मिलती है। बाल क्रीड़ा में अपने कबड्डी का खेल देखा। संसारी प्राणी भी पुण्य और पाप की कबड्डी में मग्न है। पुण्य प्राप्ति के लिए धर्म की क्रिया करनी होगी । पाप हमेशा पुण्य से हारता है। पुण्य यदि हारता है तो हमें संसार रूपी समुद्र में दुख रूपी मगरमच्छ मिलते हैं। आचार्य श्री ने बताया कि हम साधु बाईस परिशह सहन करते हैं, किंतु आप गृहस्थ लोग बाइस हजार से अधिक परिशह कष्ट दुख को सहन करते हैं। इसके बावजूद आप संसार में रचे पचे हैं और दुख में सुख खोज रहे हैं। दिनभर आप खाना खाते हैं तो भी आपकी भूख समाप्त नहीं होती। इंसान से पशु ठीक है, क्योंकि वह दिन भर खाने के बाद भी जुगाली करते हैं, मगर इंसान कभी धर्म रूपी, वैराग्य रूपी, स्वाध्याय रूपी जुगाली करता
पारसोला समाज वे भक्तों ने वर्ष 2024 लिए निवेदन किया । 4 से 8 मार्च तक आचाय सानिध्य में पंच कल्याणक होगा । शाम को श्रीजी की आरती के बाद बैं शास्त्र सभा हुई। स्थानीय महिलाओं श आचार्य वर्धमान सागर गौरव गाथा नाटिका का मंचन किया।
जनजाति मंत्री खराड़ी ने लिया आशीर्वाद
प्रतिष्ठा महोत्सव में मंगलवार को दोपहर बाद जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी पहुंचे और आचार्य श्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया ट्रस्ट की ओर से शाल ओढ़ा कर स्वागत किया गया। उनके साथ पूर्व मंत्री शुशील कटारा, पूर्व विधायक नानालाल अहारी, वरिष्ठ भाजपा नेता जिनेंद्र शास्त्री, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष भंवर सिंह पंवार, केसी शर्मा आदि मौजूद थे।
