विश्व आर्द्र भूमि दिवस पर मेनार वेटलैंड कॉम्प्लेक्स को प्लास्टिक और प्रदूषण मुक्त करने के अभियान का हुआ शुभारंभ

मेनार,कन्हैयालाल मेनारिया । प्रति वर्ष 2 फरवरी को ‘विश्व आर्द्रभूमि दिवस’ मनाया जाता है। इसे एक वैश्विक मंच के रूप में काम करने और पर्यावरण में आर्द्रभूमि के महत्व और भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर मेनार के ब्रह्म सागर तालाब पर विविध आयोजन हुए । जिसके मुख्य अतिथि राजस्थान वन विभाग के पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक निहाल चंद जैन थे । *प्लास्टिक और प्रदूषण मुक्त जलाशय अभियान* आयोजन के अपीलकर्ता वेटलैंड मित्र दर्शन मेनारिया थे । इस दौरान विजय लाल कमावत, राजू दौलावत, रेंजर कैलाश मेनारिया, वनपाल मांगी लाल डांगी, विनय दवे, सुरेश पालीवाल, दर्शना दवे, धर्मेंद्र दौलावत , हेमलता मेरावत, कीर्ति जोशी सहित महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहे।

प्लास्टिक और प्रदूषण मुक्त जलाशय अभियान आयोजन के अपीलकर्ता वेटलैंड मित्र दर्शन मेनारिया ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य जलाशयों को प्लास्टिक और प्रदूषण से मुक्त करने के लिए जागरूकता फैलाना था। इसके तहत ब्रह्म सागर तालाब सांकेतिक रूप से नहाने के घाट के आसपास फैली हुई गंदगी और कचरे की सफाई की गई । जिसमे प्लास्टिक वेस्ट का निस्तारण था । इससे पहले के सत्र में बर्ड वाचिंग भी की गई। इस दौरान डलमेशियन पेलिकन, रिवर टर्न, ग्रेट कोरमोरेंट, ओरिएंटल डार्टर, कॉम डक, ग्रेट ट्रस्टेड ग्रीब, कॉमन पोचार्ड, टफ्टेड डक, लिटिल ग्रीब,फ्लेमिंगो आदि पक्षी देखे गए। विशेषकर उड़ते हुए ब्राउन हेडेड गल को देखना इसलिए भी रोमांचक रहा की मेनार के जलाशयों पर दिन-ब-दिन नए-नए पक्षियों की आमद दर्ज की जा रही है।

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2024 की थीम :

इस वर्ष के विश्व आर्द्रभूमि दिवस की थीम “आर्द्रभूमि और मानव कल्याण” है। इसका लक्ष्य यह बताना है कि मानव कल्याण के सभी पहलू जैसे – शारीरिक, मानसिक और पर्यावरणीय आर्द्रभूमि के स्वास्थ्य से कैसे जुड़े हुए हैं।

विश्व आर्द्रभूमि दिवस का इतिहास :

आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए समर्पित रामसर कन्वेंशन को 2 फरवरी 1971 को अपनाया गया, जिसने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के लिए मंच तैयार किया। विश्व आर्द्रभूमि दिवस, पहली बार 1997 में मनाया गया। यह जैव विविधता, जलवायु और जल विनियमन के लिए महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि की रक्षा और पुनर्स्थापित करने के रूप में कार्य करता है।

विश्व आर्द्रभूमि दिवस का महत्व

यह दिवस आर्द्रभूमि के संरक्षण और बहाली को बढ़ावा देता है, जो जैव विविधता और जलवायु विनियमन के लिए महत्वपूर्ण हैं।

आर्द्रभूमि विभिन्न प्रकार की प्रजातियों का घर हैं और जल शुद्धिकरण और बाढ़ नियंत्रण जैसी आवश्यक पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करती है। विश्व वेटलैंड दिवस का आयोजन लोगों को इन प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और रखरखाव के लिए प्रोत्साहित करता है।

यह दिवस आर्द्रभूमि के महत्व पर प्रकाश डालता है और दुनिया भर में उनके संरक्षण को प्रोत्साहित करता है।वैश्विक आर्द्रभूमि संरक्षण और टिकाऊ प्रबंधन के लिए देशों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।आर्द्रभूमियों को प्रभावित करने वाले आवास हानि, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे खतरों से निपटने की आवश्यकता पर जोर देता है।

पर्यावरणीय महत्व पर ध्यान केंद्रित करके, यह समुदायों और सरकारों को आर्द्रभूमि संरक्षण को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करता है।

आर्द्रभूमि पृथ्वी के जलवायु को नियंत्रित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह जल शुद्धिकरण और पारिस्थितिकी को संतुलित करती हैं।

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