उदयपुर : सुरजपोल थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दो युवकों ने नाबालिग युवक पर चाकू से किए ताबतोड़ वार, मौत
उदयपुर में तीन दिन पहले दो युवकों के डबल मर्डर के बाद बीती रात शुक्रवार को एक नाबालिग युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बदमाशों ने रोहिन के सीने में कई वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों की मदद से उसे एमबी हॉस्पिटल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना सूरजपोल थाना क्षेत्र के धोलीबावड़ी में रात करीब 10 बजे की है। जब मृतक रोहिन खान पर पटेल सर्कल निवासी दो भाई साबिर और अयान ने पुरानी रंजिश के चलते चाकू से वार कर हत्या कर दी।
बदमाशों ने रोहिन के सीने में कई वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया लोगों की मदद से उसे एमबी हॉस्पिटल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर घटना के बाद सूरजपोल थाना पुलिस, डीएसपी शिप्रा राजावत, डीएसपी चांदमल सिंगारिया, प्रतापनगर थानाधिकारी हिमांशु सिंह राजावत जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के घर वालों से समझाइश की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करने का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया। इधर पुलिस दोनों आरोपियों को पकड़ने की तलाश में जुटी है।
दो दोस्तों के साथ सवीना के लिए निकला था रास्ते में किया हमला
जानकारी के अनुसार मृतक अपने दो दोस्तों के साथ घर से सवीना जाने के लिए निकला था। बीच रास्ते में सूरजपोल पहुंचने पर उसने एक पान की दुकान के पास बाइक रोकी। वहां से गुटका खरीदा, तभी आरोपी दोनों भाई एक कार में बैठकर मौके पर पहुंचे। जिन्होंने अपनी जेब से चाकू निकालकर मृतक पर हमला कर दिया। मृतक के दोनों साथियों ने बीच बचाव करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन पर भी चाकू से वार कर दिए। लेकिन उन्होंने जैसे तैसे करके अपनी जान बचाई। आरोपी चाकू से गोदकर भाग निकले।
सप्ताह पहले बड़े भाई पर हमला किया लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की: परिजन
मृतक के बड़े पापा बाबू खान ने बताया कि करीब एक हफ्ते पहले भी इन्हीं दोनों आरोपियों ने उसके बड़े भाई नावेद पर भी चाकू से हमला किया था। जिसकी रिपोर्ट पीड़ित के घर वालों द्वारा धानमंडी थाने में दर्ज कराई गई थी लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उसी का नतीजा रहा कि उन्होंने शुक्रवार को छोटे भाई रोहिन पर चाकू से हमला कर दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया। बाबू खान ने बताया कि लगातार घटनाओं के बाद पुलिस को सूचना देने के बाद भी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। जिससे उनके हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।
