सरपंच को एक पैर पर खड़ा रखा, हुक्का-पानी बंद किया : पंच बोले तेरे भाई ने मर्डर किया, गांव-समाज में रहना है तो 5 लाख दो

नागौर जिले के दांतीणा ग्राम पंचायत के सरपंच का हुक्का-पानी बंद करने वाली पंचायत का वीडियो सामने आया है। यह पंचायत दांतीणा गांव में 9 दिसंबर को हुई थी। ग्राम पंचायत दांतीणा के सरपंच श्रवण राम मेघवाल (35) के भाई मूलाराम पर हत्या का आरोप लगाकर पूर्व सरपंच, पंच व 50 से ज्यादा ग्रामीणों ने यह मीटिंग की थी। इसके बाद 12 दिसंबर को सरपंच ने पाचौड़ी थाना में मामला दर्ज कराया था।

इस पंचायत में पूर्व सरपंच व अन्य पंचों ने मिलकर तुगलकी फरमान जारी कर दिया था। इस पंचायत में जबरन सरपंच को बुलाया गया। उसे एक पैर पर खड़े होने को मजबूर किया गया और गांव समाज से बहिष्कृत कर 5 लाख का जुर्माना लगा दिया गया। पीड़ित सरपंच श्रवण राम मेघवाल पुत्र मुलतानाराम ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए बताया कि उनके परिवार का गांव रहना मुश्किल हो गया है।

शिकायत में सरपंच ने लिखा कि उसके भाई पर हत्या का आरोप लगाते हुए यह मीटिंग बुलाई गई थी।

50 से ज्यादा लोग पंचायत में जुटे

थाने में दर्ज रिपोर्ट में श्रवण राम ने बताया- 9 दिसंबर को दांतीणा ग्राम पंचायत में गांव के लोग जुटे। इसमें सभी समाज व जाति के लोग शामिल थे। पूर्व सरपंच शेराराम, उप सरपंच भगवत सिंह सांखला, रामूराम, पंच उमाराम, लूणाराम, किशनाराम, श्रवण राम, जोराराम, उमाराम, उमाराम, प्रताप राम, प्रहलाद राम व अन्य 50 लोग पंचायत में शरीक हुए थे।

पंचायत में पहुंचने के लिए सरपंच श्रवण राम को बार बार फोन किया गया। सरपंच ने कहा कि पंचायत में उसका क्या काम है। इस पर आरोपियों ने कहा कि आप वर्तमान सरपंच हो, आपके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। आपके भाई मूलाराम ने जीतू सिंह की हत्या की है। इस कारण आपके खिलाफ पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। आपको और आपके परिवार को गांव समाज से बहिष्कृत करेंगे और हुक्का-पानी बंद करेंगे। हम पंच जो फैसला करेंगे वही होगा।

तब सरपंच श्रवण राम मेघवाल ने कहा कि उसका जीतू सिंह की हत्या से कोई लेना देना नहीं है। अगर उसका भाई मूलाराम दोषी है तो पुलिस उसे गिरफ्तार करेगी और कोर्ट सजा देगा। इसके बावजूद उन्होंने बार-बार फोन कर श्रवण राम को पंचायत में आने को मजबूर किया। सरपंच ग्राम पंचायत के परिसर में पहुंचे। वहां काफी संख्या में लोग जुटे थे। सरपंच के साथ उनके काका पदमाराम, आसुराम, भाई दुर्गाराम, शैतानाराम आदि भी थे।

बोले- पंचों का खौफ होता है, एक पैर पर खड़े हो जाओ

सरपंच श्रवण राम ने आरोप लगाया कि पंचायत में शेराराम, भगवत सिंह, रामूराम, उमाराम, जोराराम, लूणाराम, किशनाराम, श्रवणराम, उमाराम, प्रतापराम, प्रहलाद राम ने कहा कि हम सभी लोग अपने आप में स्वयंभू पंच हैं। पंचों का खौफ होता है। उन्होंने सरपंच श्रवण राम से कहा कि हाथ जोड़ कर एक पैर पर खड़े हो जाओ, तुम्हें सरपंच किसने बनाया है। हम तुम्हें हटा कर रहेंगे। सरपंच पंचायत में एक पैर पर खड़े रहे।

सरपंच ने आरोप लगाया कि सभी ने उसे बहुत तंग और परेशान किया। सभी ने गाली गलौज कर शारीरिक व मानसिक कष्ट दिया। उन्हें व उनके परिवार को गांव समाज से बहिष्कृत करने का फरमान भी जारी कर दिया। कहा कि इनके परिवार को गांव से निकालना है। इनके परिवार का हुक्का पानी बंद करना है। कोई भी गांव का दुकानदार इन्हें किराने का सामान नहीं देगा। सरपंच के घर किसी का आना-जाना नहीं होगा। उसके घर कोई खाना-पीना नहीं करेगा। खुलेआम यह ऐलान किया गया।

5 लाख दो वरना गांव समाज से बाहर रहो

सरपंच श्रवणराम ने कहा- उन्होंने कहा कि हमारा फैसला पुलिस और कोर्ट से ऊपर है। बचना है तो 5 लाख रूपए दंड देना होगा। वरना पंचायत व गांव से बाहर रहेगा। मैंने कहा कि मेरे पास इतने रुपए नहीं हैं। आप दंड लगाने वाले कौन हो। तो उन्होंने मुझे डराया धमकाया और मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ले आए। मेरे परिवार का जीना दुश्वार हो गया है।

मामले को लेकर पांचौड़ी पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। मामले की जांच की जा रही है। सभी आरोपी पांचोड़ी ग्राम पंचायत के निवासी हैं।

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