हर चुनाव में बनते हैं नए दल:70% दूसरे चुनाव बाद खत्म हो जाते हैं, पिछली बार 9 बने थे, इस बार 12, तर्क – पुराने दलों से जनता ऊब गई है

विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाें के बीच रोचक जानकारी सामने आई है। लोकसभा-विधानसभा चुनाव से पहले देश में 70-80 नए दल बनते हैं और मापदंड पूरे नहीं करने पर इनमें से 70% दल दूसरे चुनाव तक खत्म भी हो जाते हैं। इनके गठन के जो कारण निर्वाचन विभाग को बताए जाते हैं, वे भी रोचक हैं। नए दल कहते हैं कि मौजूदा दलों से जनता ऊब चुकी है, ये जनता का विश्वास नहीं जीत पा रहे। प्रदेश में इस बार भी 12 नए दल सामने आए हैं। इनमें एक का तो 2 नवंबर को यानी 8 दिन पहले ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। मेवाड़-वागड़ से भारतीय आदिवासी पार्टी का उदय भी इसी साल हुआ है।

प्रदेश में पिछली बार के मुकाबले इस बार 2 दल ज्यादा बने

 

  • 58 दल मैदान में हैं प्रदेश में इस बार नए दलों सहित।
  • 2018 के विधानसभा चुनाव के समय प्रदेश में 9 नए दल बने थे और कुल 56 दलों ने चुनाव लड़ा था।
  • 79 नए दल सामने आए हैं देश में पिछले लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक, इनमें पिछली 27 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन कराने वाले दल शामिल हैं।

12 नए दल सामने आए इस बार… राजस्थान राज पार्टी, अर्जुन भारत नेशनल पार्टी, भीम ट्राइबल कांग्रेस, विजय जन पार्टी, भारत आदिवासी पार्टी, राष्ट्रीय सर्व मंच, जबरो देश म्हारो, नेशनल जन मंडल पार्टी, नव हिंद पार्टी, राष्ट्रीय जनता सेना, धरतीपुत्र विकास पार्टी, सामाजिक प्रगतिशील पार्टी।

निर्वाचन विभाग को कारण बताते हैं- जनता की सेवा करनी है, मंच चाहिए

 

  • मौजूदा दलों से जनता ऊब गई है।
  • पुराने दल जनता का विश्वास नहीं जीत पा रहे।
  • जिस उम्मीद से विकास कार्य के लिए अभी तक दल चुने गए, वे इसे पूरा नहीं कर पाए।
  • सेवा कार्य करने के लिए प्लेटफार्म की तलाश है।
  • सत्ताधारी दल के कारण प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है।

(रजिस्ट्रेशन के लिए निर्वाचन विभाग को दिए शपथ पत्र में नए दल बनाने के बताए जा रहे कारण)

5% वोट या 1 सदस्य जीतने का मौका अब दूसरे चुनाव तक

2016 तक : नए बनने वाले दल को पहले ही चुनाव में न्यूनतम 5 प्रतिशत वोट पाना या एक सदस्य (विधायक/सांसद) जीतना जरूरी था। तब ही आगामी चुनाव के लिए उसे मान्यता दी जाती थी।

अब यह नियम: अब दूसरे चुनाव में भी मौका दिया जाता है कि 5 प्रतिशत वोट हासिल कर ले या एक सदस्य (विधायक/सांसद) जिता ले। ऐसा नहीं होने पर उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाता है।

 

 

 

 

सोर्स : DB 

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