आयुर्वेद प्राचीन काल की पद्धति है जो गैर संचारी रोग एवं जीवन शैली रोग का बचाव का उपाय केवल एकमात्र दिनचर्या, ऋतूचर्या पालन : डॉ.संतोष के दमामी
आयुर्वेद, योग जिंदगी के लिए संजीवनी बूटी है
बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । उदयपुर जिले के भीण्डर उपखण्ड क्षेत्र के राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में बुधवार को उपखण्ड स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया आयुष मेला का विधिवत उद्घाटन डा.संतोष के दमामी के द्वारा किया गया। दमामी ने कहा कि गैर-संचारी रोगों को दीर्घकालिक बीमारियों के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि ये लंबे समय तक बनी रहते हैं तथा ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते हैं। आयुर्वेद एक प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है।यह भारतीय चिकित्सा पद्धति रोग चिकित्सा के साथ-साथ स्वस्थ रहने की भी शिक्षा देती है। आजकल जगह-जगह आयुर्वेद ग्राम व आयुष विभाग के द्वारा प्रचार-प्रसार होने से आयुर्वेद के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है शासन ने भी इस आयुष चिकित्सा पद्धति की ओर ध्यान दे रही है। अपने उद्बोधन भारतीय चिकित्सा पद्धत्ति को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नितिन राय ने कहा कि आयुर्वेद एवं होम्योपैथी सहज, सरल घर-घर में अपनाई जाने वाली चिकित्सा पद्धति है जो प्राचीनतम है।
उदयपुर जिला वनौषधियों से भरा है जिसे पहचान, उपयोगिता एवं संरक्षण करने की अपील की। डा.दमामी ने बताया कि चिकित्सक व योग सहायक की भर्ती की प्रक्रिया में है स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर | यहाँ की 80% आबादी गाँवों / जंगलों में निवास करती है, और उनका मुख्य कार्य कृषि है। यहाँ परम्परागत रूप से मेलो का चलन हैं एवं इसे उत्सव के रूप में मनाया जाता है जहा ग्रामीण अंचल के लोग एक स्थान पर एकत्रित होकर विभिन्न अवसरों का लाभ जरूर उठाए ।डॉक्टर द्वारा हिंता में उपखण्ड स्तरीय आयुष मेला के निरीक्षण किया गया कार्यक्रम से पूर्व आए हुए अतिथियों को माला पहनाकर एवं पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया गया। आयुष मेला में कुल 302 महिला एवं पुरुषों के द्वारा विभिन्न प्रकार के इलाज एवं चिकित्सा परामर्श।
डॉ सन्तोष के दमामी ने आयुष स्वास्थ्य मेला की विस्तृत जानकारी प्रदान किए।
जिसमें – फैमिली फोल्डर कुल – २००, सीबैक फॉर्म – 143 अतिकुपोषित बच्चों की संख्या – 2. ANC – की कुल संख्या – 16, टीकाकरण – 42, टीबी- 5 HIV-1, कुल नसंबदी – 3, गर्भनिरोधक – 150. स्थौल्य (मोटापा) – 72 , सवे किया गया!
(शुगर) मधुमेह एवम् उच्चरक्त चाप की जांच – 143, हिमोग्लोबीन की जांच → 76 कुल रोगियों का उपचार – 203 निःशुक्त औषधियों का वितरण – 203, रोगियों को
101- मरीजों को योगाभ्यास की सलाह देते हुए पसर्नल हाइजीन स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी दी, एवं निःशुल्क औषधि प्रदान किया गया। ब्लॉक टीम मेंमुख्य अतिथि – डॉ. रीना वंशीवाल (चिकित्साधिकारी, प्रभारी) नर्सिंग ऑफिसर : गोपाल लाल वेष्णव, योग प्रशिक्षक श्यामलाल मेनारिया, द्रौपदी कु मेघवाल, ए एनम पूर्णिमा चौबीसा, आशा सहयोगिनी भगता- चौबीसा, यशोदा गर्ग, गीता-चौबीसा संतोष वेष्णव परिचारक सत्यनारायण जी ने कैम्प में सेवा दी!
