उदयपुर शहर के स्कूलों में पढने वाले बच्चो को नशे, चोरी में लिप्त करने का आरोपी गजेन्द्र उर्फ़ गज्जू गिरफ्तार

अब तक 40 से ज्यादा बच्चो को बनाया अपना शिकार 

 

उदयपुर शहर की गोवर्धन विलास थाना पुलिस द्वारा बड़ी कार्यवाही को अंजाम देते हुए नाबालिग लडको का अपहरण कर उनसे अपराधिक कार्य कराने एवं यौन शोषण कर ब्लैकमेल करने का आरोपी गजेन्द्र सिंह उर्फ़ गज्जू को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त ने अब तक उदयपुर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्यनरत 40 से अधिक बच्चो को अपना शिकार बनाया.

 

एसपी भुवन भूषण यादव ने बताया कि थाना गोवर्धनविलास में दो इस तरह के मामले दर्ज हुए जिसपर विशेष टीम घठित कर बच्चो को अभियुक्त के चंगुल से छुड़वा माता पिता के सुपुर्द किया गया एवं अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया.

 

पीड़ित बालक ने पुलिस को बताया कि कैसे कुछ समय पहले उसके शिक्षण संस्थान के बाहर आरोपी गजेन्द्र राठौड उर्फ गज्जू ने उसका परिचय हुआ वह उसे आईफोन देने के बहाने व आॅनलाईन ट्रेंडींग से पैसे कमाने के बहाने से दोस्ती की फिर वास उसे अपनी कार में बैठाकर घूमने के लिए साथ ले गया व ई-सिगरेट, गांजा, बियर-शराब, ड्रग्स आदि पिने के लिए मजबूर करता. अभियुक्त ने बालक के नशा करते समय फोटोग्राफ लिए व ब्लैकमेल कर घर से पैसे चोरी कर लाने के लिए मजबूर करता था। गज्जू रात्रि के समय नाईट आउट पार्टी करवाता व कल्ब व बार में लेकर जाता था व बालक के साथ मारपीट कर उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य भी किया व उसका विडीयों भी बना लिया।

 

अभियुक्त बच्चो को नशे का आदि बना अपने घर से चोरिया करवाता, न करने पर बच्चो को धमकियाँ देता व हर बच्चे को बच्चे तैयार करने का टारगेट देता था। नये तैयार होने वाले बच्चो को कोडवर्ड में नाम दिया जाता था। घर से पीसी चोरी करवाने को कोडवर्ड में ओटीपी कहता था। एवं बच्चो को “शूटर” कहता

 

पुलिस ने बताया कि अभियुक्त गजेन्द्र उर्फ गज्जू उर्फ गोलू के विरूद्व पुलिस थाना भुपालपुरा पर आम्र्स एक्ट में एक प्रकरण दर्ज है।

 

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पुलिस की माता पिता से अपील

 

पुुलिस विभाग द्वारा वर्तमान में शिक्षण संस्थाओं में अध्ययन करने वालें छात्रों के परिजनों से यह अपील करना चाहता है कि आप अपने बच्चे के दैनिक व्यवहार में आने वाले परिवर्तन पर नजर रखे व आपके बच्चो की दोस्ती किन बच्चो के साथ है व किन बच्चो के साथ रहता है। उस पर नजर बनाये रखे व शैक्षणिक संस्थानों के आसपास आपके बच्चे किन लोगों से मिलजुल रहे है, तथा स्कूल के बाद अपने सहपाठी या खेलने के बहाने बनाकर ऐसे किसी व्यक्ति के साथ तो नही जा रहे।

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