डेंगू : अभी हालात नियंत्रण में, फिर भी सतर्कता बरतने की हैं जरूरत

 हितेश कुमार जोगी

डेंगू का दंश असल में हर साल ही फैलता हैं और पिछले वर्ष तो इसमें बड़ी इजाफा भी हुआ था जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग के साथ मलेरिया विभाग के अधिकारीयों ने भी वृहद स्तर पर अभियान चलाया था। वर्तमान की स्थिति जिले में एक बार फिर से अभियान मलेरिया विभाग द्वारा चलाया जा रहा हैं और शहरी के साथ ग्रामीण इलाकों में भी टीमें भेजकर लार्वा सर्वे कराते हुए दवाओं का छिडकाव किया जा रहा हैं। इतनी राहत जरूर हैं कि केसों की संख्या में विस्फोट की स्थिति नहीं हैं। शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सराड़ी के अंतर्गत आने वाले गांवों में डेंगू बीमारी की रोकथाम हेतु 3147 घरों में लार्वा सर्वे किया गया। जन सामान्य को बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय की जानकारी टीम में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों ने दी, इस दौरान मलेरिया निरीक्षक हेमराज मीणा, नरेश पटेल, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाडी कार्यकर्ता, एएनएम प्रियंका मीणा, तिलका जैन, वर्षा पाण्डे भी मौजूद रही।

लक्षणों को न करें नजरअंदाज

चिकित्सा अधिकारी प्रभारी राजेन्द्र जाट ने बताया कि डेंगु के लक्षणों को समय पर भांपकर यदि इलाज शुरू हो जाए तो मरीज की जान को खतरा नही होता हैं। पर लोग इलाज में कोताही बरतते हैं और इसके लक्षणों को नजर अंदाज कर देते हैं। डेंगू के मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, मांसपेशियों एवं जोडो में दर्द होना, उल्टी, नाक एवं मसूढों में खून का रिसाव, सिरदर्द हैं और प्रकोप बढ जाने पर शरीर में लाल चकत्ते उभर आते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की हैं कि इन लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए और तत्कार ही डेंगू की जांच करा लेनी चाहिए। इसके साथ ही घरों में सफाई रखना चाहिए। विशेषकर गंदा पानी एकत्रित न हो पाए, इसका ध्यान रखा जाए।

इनका कहना हैं कि :

क्षेत्र में चिकित्सा विभाग की टीम सक्रियता से कार्य कर रही हैं और प्रतिदिन विभिन्न स्थानों पर लार्वा और फीवर सर्वे के साथ दवाओं का छिडकाव किया जा रहा हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नही हैं। डेंगू के लक्षण लगते ही तत्काल ही चिकित्सक से परामर्श कर जांच कराएं । – डॉ. राजेन्द्र जाट, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सराड़ी

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