भारत विकास परिषद शाखा ऋषभदेव द्वारा भव्य गुरु वंदन छात्र अभिनंदन एवं भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन
ऋषभदेव,शुभम जैन । भारत विकास परिषद शाखा ऋषभदेव द्वारा मगंलवार को भव्य गुरु वंदन छात्र अभिनंदन एवं भामाशाह सम्मान समारोह मनाया गया । सचिव चंद्र प्रकाश भाणावत ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान बजरंग जी अग्रवाल खेरवाड़ा समाजसेवी ,अध्यक्ष श्रीमान सिद्धार्थ जी पंचोली मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, उदयपुर एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमान दिलीप जी कोठारी उद्योगपति ,श्रीमान राजमल जी कोठारी नगर सेठ, श्रीमान भूपेंद्र जी वालावत पूर्व उपनिदेशक जिला उदयपुर , श्रीमान सतीश चंद्र जी जैन मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ऋषभदेव एवं श्रीमान रमेश जी मेहता श्रीमान सुंदर जी भाणावत श्रीमान महावीर जी कोठारी, श्री मान हँसमुख जी जैन अध्यक्ष, भारत विकास परिषद शाखा खेरवाड़ा थे । कार्यक्रम को भव्य रूप से मनाया गया जिसमें जिन भामाशाहों ने मुक्ति धाम प्रकल्प में सहयोग किया उन सभी का सम्मान किया गया एवं जो प्रतिभावान छात्र 90% से ऊपर अंक प्राप्त किया उनकाअभिनंदन किया गया साथ ही नगर ऋषभदेव क्षेत्र मे निवासरथ जो भी शिक्षक पधारे उनका वंदन किया गया व भव्य सम्मान किया गया ।
कार्यक्रम का संचालन भारत विकास के परिषद के सचिव चंद्र प्रकाश भाणावत ने किया
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता श्रीमान प्रदीप जी कुमावत निदेशक आलोक शिक्षण संस्थान उदयपुर थे जिन्होंने शिक्षक दिवस के ऊपर उदबोधन प्रदान किया । उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय संस्कृति के महत्ता के बारे में बताया । कार्यक्रम में शाखा ऋषभदेव के नवीन सदस्यों बसंत जी किकावत,सूंदर जी सुथार,गणधर जी दोवड़िया, मुकेश जी व्यासवऔर गोपाल जी सोमपुरा को शपथ दिलाई गई।अंत में आनंद मेहता भारत विकास परिषद शाखा ऋषभदेव के अध्यक्ष ने आभार व्यक्त किया कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के सभी वरिष्ठ सदस्य दिनेश चंद्र जी वाणावत,गजेंद्र जी सुरावत, रवि जी पंचाल,दिलीप जी भाणावत, प्राण जी भाणावत, डाया लाल जी पांचाल , मनोज पांचाल, धीरज जी त्रिवेदी, अशोक जी भाणावत ,बंसीलाल जी शाह, भावेश जी शर्मा ,रमेश जी टेलर,धनपाल जी भंवरा,अमित जी भाणावत,हेमंत जी भवरा जिंदत जी मेहता , नवीन जी रावल,आशीष जी दोवड़िया, भविष्यदत्त जी भंवरा, चेतन जी भेरवोत,पुष्पदंत जी भंवरा,पंकज जी नोगामा,राजेन्द्र जी भंवरा, राकेश जी वाणावत,रमेश जी नोगामा,सुरेश जी कोठारी,उज्जवल जी वाणावत,वर्द्धमान जी भंवरा,विनोद जी सुथार, यशवंत जी सुथार आदि उपस्थित थे।
