प्रधानाचार्य वाकपीठ सम्पन्नः शिक्षकों से न कराए गैर शैक्षणिक कार्य,सरकार शिक्षकों को शिक्षक ही रहने दें : दलीचंद डांगी

मावली ब्लाॅक के प्रधानाचार्यों की दो दिवसीय वाकपीठ मंगलवार को डबोक स्थित गीताजंलि टेक्नीकल इंस्टडीज के सभागार में पूर्व विधायक एवं भाजपा किसान मोर्चा देहात जिलाध्यक्ष दलीचंद डांगी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। समापन अवसर पर बोलते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि सरकार शिक्षकों को शिक्षक ही रहने दें। जो काम जिस विभाग से सम्बधित हों उसी के कर्मचारियों से काम करवाया जाए ताकि अनावश्यक शिक्षक का शिक्षण कार्य बाधित नहीं हो और बच्चों को शिक्षक पूरा समय दे पाए। गैर शैक्षणिक कार्यों को लेकर ही पूर्व शिक्षक नेता एवं मावली पंचायत समिति नेता प्रतिपक्ष भोमसिंह चुण्डावत,कुलदीपसिंह चुण्डावत आदि ने भी विचार व्यक्त किए तथा शिक्षकों को इन कार्यों से दूर रखे जाने की बात कही। स्वागत उद्बोधन के दौरान ही वाकपीठ अध्यक्ष संजय बड़ाला ने शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं कराने की मांग को पुरजोर तरीके से रखा। समापन अवसर पर राजस्थान शिक्षक संघ अम्बेडकर के प्रान्तीय अध्यक्ष खेमराज कड़ेला,शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्रसिंह झाला,शिक्षक संघ अम्बेडकर के प्रांतीय महामंत्री सुरेश देशबंधु,शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला उपाध्यक्ष शंकर जाट,सुधीर शर्मा,जिला सह संगठन मंत्री शैलेष कोठारी,जिला मिडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया आदि बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। अतिथियों का स्वागत वाकपीठ कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने किया। अध्यक्ष संजय बड़ाला ने दो दिनों के दौरान किए गए शैक्षिक मंथन पर विचार व्यक्त करते हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। बोर्ड की दसवीं एवं 12वीं कक्षाओं के विभिन्न वर्गों में शत प्रतिशत परिणाम देने वाले संस्था प्रधानों का प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मान किया गया। सेवा निवृत्त होने जा रही गुड़ली की प्रधानाचार्या तृप्ति पण्डिया का भी इस अवसर पर वाकपीठ कार्यकारिणी एवं अतिथियों ने अभिनंदन पत्र भ्ज्ञेंट कर सम्मान किया। अभिनंदन पत्र का वाचन वाकपीठ सचिव मोहनलाल स्वर्णकार ने किया। मंगलवार को दूसरे दिन का पहला सत्र विभिन्न विषयों पर वार्ताओं का रहा जिसमें डाॅ. पी.के.जैन ने शिक्षकों के दायित्व,डाॅ. हर्षिता श्रीमाली ने लीडरशीप पर,डाॅ.लोकेश जैन ने मानव मूल्यों पर सिद्धार्थ पांडेय ने आर्ट आफ लिविंग के जरिए तनाव मुक्त जीवन जीने की प्रेरणा दी तो उमेश माहेश्वरी ने मिड डे मिल अपडेशन पर वार्ता दी। पहले सत्र की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी प्रकाशचन्द्र चैधरी ने की। चैधरी ने वाकपीठ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। संचालन मोहन सोनी ने किया।
