श्रीकृष्ण की बाललीला का वृतान्त सुनाकर श्रृद्धालुओं हुए भाव विभोर,कथा सुनने उमड़ रहा जनसैलाब

बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । मेवाड़ का तीर्थ स्थल मातृकुण्डिया मे पाराशर मेवाड़ द्वारा आयोजित श्री भागवत् कथा के छठे दिन जगतगुरु शंकराचार्य ज्ञानानन्द तीर्थ ज्योतिमठ भानपुरा पीठ अवान्तर मध्यप्रदेश के मुखारविंद से कृष्ण कि बाललीला के वृतान्त सुनाकर श्रृद्धालुओं को भाव विभोर कर दीया। कथावाचक ने कहा की वृक्ष हमारे जीवन मे नित्य आवश्यक हे , सभी वृक्षो कि उपयोगिता बताई जिसमे आंवला ओषधि का शिरमोर , तुलसी , नारियल मंगल कार्य , वटवृक्ष लम्बी आयु , पीपल शुद्ध हवा , आम फलो का राजा , नीम ओषधि मे खे , खेजडी , सीसम , इमली , जामुन , व अन्य वृक्ष व्यक्तियो को शुद्ध वातावरण देते है ।

कथा मे गर्ग ऋषि द्वारा कृष्ण, बलराम का नामकरण करना ,कृष्ण व उनके सखा द्वारा गोपियो के घर माखन चोरी करना , गोपियो द्वारा शिकायत करना , यशोदा मैया द्वारा कृष्ण को मुसल से बाधना , मिट्टी खाने पर मैया को मुंंह मे पुरा ब्रह्मांड बताना , पुतना राक्षसी , उत्कष्ट , बकासुर ,आगासुर का वध करना तथा ब्रह्मा जी का व कालिया नाग का धमन्ड चुर करना , इन्द्र कि पुजा के बदले गोवर्धन पर्वत कि पुजा करा इन्द्र का घमन्ड चुर करने का वृतान्त सुना कर श्रद्धालुओं को भार विभोर कर दिया। इस दौरान कार्यक्रम के मोके पर राजस्थान व गुजरात , मध्यप्रदेश के समाजजन बडी सख्या मे महिला पुरुष व युवा मोजुद थे । कथा के बाद भागवत् पोथी कि आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। साथ ही शाम को नानी बाई का मायरा की प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति कलाकार स्नेह लता पाराशर द्वारा नानी बाई की प्रस्तुति दी गई एवम महिला द्वारा भजन कीर्तन का आनंद लिया गया।व्यवस्थापक कमेटी के सदस्यो ने बताया कि आज कथा का (25/6/23) का अन्तिम दिन है । व 26/6/23/ सोमवार को दो बजे नर्बदेश्वर महादेव , पाराशर , वेदव्यास , शुकदेव ऋषि मन्दिर के लिये भुमि पुजन व शिलान्यास किया जायेगा ।
फोटो :- 01 कथा सुनाते हुए कथावाचक
02 कथा में उपस्थित श्रद्धालु

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