सात साल बाद उदयपुर पुलिस एवं राजकीय किशोर गृह उदयपुर के प्रयास से परिजनों का पता कर, गुमशुदा बालक को परिवार से मिलाया,परिजनों से मिलकर खुश हुआ बालक भूरा
उदयपुर । छोटी सी उम्र में मां का निधन होने से 7 साल की उम्र में पापा के साथ राजसमंद में काम पर गया बालक भूरा वहां से गुम हो गया था और वहां से पुलिस को मिला, जिसको राजसमंद जिले के किशोर गृह में रख दिया था । इसके 1 साल बाद बालक को बाल कल्याण समिति उदयपुर को स्थानांतरित कर दिया गया जिसे राजकीय किशोर गृह उदयपुर प्रवेशित किया गया था । पिछले 6 वर्षो से बालक गृह में रहकर ही पढ़ाई कर रहा था । बालक को अपने क्षेत्र के आस पास के कुछ गांवों के नाम व लैंड मार्क के साथ पिता का नाम ही मालूम था ।

पिछले 06 वर्षो से बालक की नियमित काउंसलिंग अथवा राजकीय किशोर गृह उदयपुर अधीक्षक श्री के. के. चंद्रवंशी के निर्देशन में काउंसलर किरण जोशी द्वारा नियमित काउंसलिंग एवम अथक प्रयासों से मांडवा थानाधिकारी श्री अशोक कुमार जी के सहयोग से उदयपुर पुलिस आज बालक के परिजनों के पता लगाने हेतु बाल कल्याण समिति उदयपुर के आदेश से बालक को उसके गांव अथवा इसके परिजनों का की तलाश में निकले पुलिस के हेड कांस्टेबल पन्नालाल कॉन्स्टेबल भैया राम कॉन्स्टेबल संदीप वह कॉन्स्टेबल अंशुल , काउंसलर किरण जोशी इसको लेकर कोटडा मांडवा की तरफ जाकर परिजनों का पता किया तो इसके पिता नहीं मिले तो आसपास पता किया तो पिता का नाम पता मालूम चला इसके बाद पिता का नाम रेशमा राम गमेती निवासी कंथारिया थाना मांडवा बताया, उसके बाद उसके पिताजी वहां नहीं मिले तो उसके भुआ मोदली बाई पत्नी देवाराम गमेती निवासी काली बोर थाना बेकरिया का पता किया , बुआ न बताया की मेरे भाई का यह पुत्र 7 साल पहले कहीं खो गया था यह मेरे भाई का पुत्र है ,तो 7 साल बाद अपने परिजनों से मिला कर बहुत खुश हुआ, बुआ ने पुलिस एवम काउंसलर किरण जोशी का भी बहुत बहुत आभार जताया की मेरे भतीजे को सात साल बाद परिजनों से मिलवाया । भुआ अपने भतीजे को साथ रखने के लिए भी तैयार है, जल्दी ही बालक को कानूनी/प्रशासनिक कार्यवाही पूर्ण करके परिवार में पुनर्वासित कर दिया जायेगा
