शमशान के लिए ग्रामवासी को होना पड़ रहा मोहताज
गांव रुआँव थाना झलारा में ग्रामवासी को होना पड़ा शमशान के लिए मोहताज कई वर्षों से खुले में जलाया जाता है शव
रिपोर्टकर्ता विनोद गर्ग ने बताया की चारागाह भूमि होने के कारण आज दिन तक श्मशान नहीं हो पाया एसडीएम से लगाकर कई अन्य अधिकारियों को दी गई प्रार्थना पत्र पर आज दिन तक किसी ने कोई सुनवाई नहीं कि गई बरसात के समय में बहुत तकलीफ होती है टपकती आसमान की बारिश में मुर्दे को जलाया जाता है शमशान भूमि पर जाने के लिए रास्ता भी सही नहीं है आज दिन तक पक्का नहीं करवाया गया सभी गांव में सीसी रोड शमशान तक हो चुका है कई बार प्रार्थना पत्र दी और शिकायतें दर्ज करवाई पर चरागाह भूमि होने के कारण आज दिन तक आवंटन और आरक्षित नही की गई पंचायत बामनिया में राजेश्वरी गांव रुआँव जो आज दिन तक पंचायत वालों ने भी इसे आरक्षित कर पट्टा जारी नहीं किया कई एक बार सूचना और मौखिक लिखित में प्रार्थना पत्र भी पेश की गई प्रशासन गांव के संग शिविर में भी दी थी प्रार्थना पत्र पर इसको भी अनदेखा कर दिया गया समस्या गिनाए हमारे गांव की तो समस्या गिनते ही रह जाए देश 1947 में आजाद हुआ पर हमारे ग्रामवासी आज भी गुलामी की जिंदगी जी रहे सभी गांव में घर घर नल की योजना चालू हो गई आज दिन तक गांव में पानी की भी व्यवस्था नहीं है हो पाई ।
