बदलते मौसम में रोज इन तीन आसनों से रहेंगे स्वस्थ
भुजंगासन : फेफड़ों के साथ कंधों को भी मजबूत करता है! दमा. गुर्दे और यकृत रोगों. कब्ज. गैस रोग में विशेष लाभ देता है! लेकिन कमर या रीढ़ की हड्डी में दर्द है तो आधा भुजंगासन करना चाहिए ! गर्दन में दर्द है! तो गर्दन पर ज्यादा दबाव ने दें इस आसन को 3 -4 मिनट तक एक बार में करें सकते हैं।
भस्त्रिका प्राणायाम :
फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है ! बदलते मौसम में एलर्जी आदि की दिक्कत उन्हीं लोगों में अधिक होती हैं जिनके फेफड़े कमजोर होते हैं ! ऐसे में भस्त्रिका प्राणायाम बहुत उपयोगी है ! यह फेफड़ों के साथ हदय से जुड़ी बीमारियों से बचाता है ! अगर पहले से कोई बीमारी है तो उसमें भी राहत देता है ! इसको एक बार में पांच से दस मिनट तक जरूर करना चाहिए! अगर सुबह समय कम है तो दिन में दो-तीन बार मे कर लें ! हृदय और के मरीज इसे धीरे-धीरे करें!
सर्वांगासन : इसे आसनों की जननी कहा जाता है ! यह शरीर के हार्मोन तंत्र खासकर थायराॅइड और पैराथायराॅइड ग्रंथियो को नियंत्रित करता है! इससे सभी प्रकार की मौसमी बीमारियों के साथ लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां से बचाव करता है! यह आंख. कान. नाक और त्वचा के लिए
विनोद कुमार रेगर
योग विशेषज्ञ
राज्य स्तरीय योग खिलाड़ी
