राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ आंदोलन की राह पर,21 अप्रैल से दिया पंचायत समिति मुख्यालयों पर अनिश्चित कालीन धरना
24 अप्रैल से आयोजित होने वाले महंगाई राहत कैंप तथा प्रशासन गांव के संग अभियान पर मंडराएं खतरे के बादल
उदयपुर । राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के आह्वान पर आज जिले की 20 पंचायत समितियों में हजारों ग्राम विकास अधिकारियों ने धरना दिया ।
ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष शंकर लाल कुम्हार ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी संघ के 7 सूत्री मांग पत्र पर प्रशासन गांव के संग अभियान 2021 में दो बार लिखित समझौते किए गए लेकिन इनके 2 वर्ष पश्चात आज दिनांक तक भी आदेश जारी नहीं किए गए । जिसके कारण प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारियों में जबर्दस्त आक्रोश है ।
इसे लेकर वर्ष 2023 में सरकार द्वारा प्रारंभ किए जा रहे प्रशासन गांव के संग अभियान एवं महंगाई राहत कैंप से पूर्व ही ग्राम विकास अधिकारी संघ ने पुनः आंदोलन का निर्णय किया है।
ग्राम विकास अधिकारी संघ ने शासन व सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सामूहिक अवकाश पर रहते हुए पंचायत समिति मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ किया ।
जिसके चलते 24 अप्रैल से प्रारंभ हो रहे प्रशासन गांव के संग शिविरों में प्रदेश के ग्राम विकास अधिकारी भाग नहीं लेंगे।
ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलामंत्री हरीश सुथार ने बताया कि सरकार बार-बार वादों से मुकर रही है । ऐसे में इस बार संगठन ने प्रशासन गांव के संग अभियान एवं महंगाई राहत शिविरों का पूर्ण बहिष्कार करते हुए आर पार का आंदोलन करने का निर्णय लिया है ।
21 अप्रैल से प्रारंभ हुए अनिश्चितकालीन धरने में जिले के 375 ग्राम विकास अधिकारी भाग ले रहे है जिसके चलते प्रदेश के समस्त ग्राम पंचायतें बंद हो गई है क्योंकि मंत्रालयिक कर्मचारी पूर्व से ही हड़ताल पर है ।
ग्राम विकास अधिकारी संघ की यह मुख्य मांग :– ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग की वेतन विसंगति दूर करवाना, एसीपी के स्थान कर चयनित वेतनमान लागू करवाना , अंतर जिला स्थानान्तरण पॉलिसी लागू करवाना , कैडर पुनर्गठन कर उच्च पद सृजित करवाना , तीन वर्षो की लंबित पदोन्नतियां करवाना , डीआरडीए कार्मिकों को नियमित करवाना सहित सात सूत्री मांग पत्र की मांगो तथा लिखित समझौतों के आदेश जारी करवाना है।
रिपोर्टर जितेंद्र पंचोली
