मेनार में ठाकुरजी को अमावस्या पर धराया छप्पन भोग, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, महाराष्ट्र से तगर फूल, रतलाम से रजनीगंधा फूल और उदयपुर सफेद डेजी फूलो से खाटूश्यामजी की तरह ठाकुरजी का किया आकर्षक श्रृंगार

झुलनी पे सेठ सांवरो झुलवा ने जावे सा…..सहित भजनों पर खूब थिरके महिला, पुरुष

बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया :- वैशाख मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या विष्कुंभ योग, अश्विनी नक्षत्र में मेहतागढ़ मेनार के ओंकारेश्वर चौक स्थित प्रसिद्ध प्राचीन ठाकुरजी मन्दिर में गुरुवार को ठाकुरजी के जयकारो के बीच ठाकुरजी को सामूहिक अनवरत छप्पन भोग मनोरथ का आयोजन हुआ और अनेक रंगों से खाटूश्यामजी की तरह उनका विशेष श्रृंगार कर छप्पन भोग धराया गया। इस दौरान पुजारी प्रकाश वैष्णव द्वारा ठाकुरजी को पंचामृत स्नान कराया गया और स्वर्ण आभूषणों से सुशोभित ठाकुर जी को पिछवई, विशेष पोशाक मंडफिया से एवं महाराष्ट्र से तगर फूल, रतलाम से रजनीगंधा फूल और उदयपुर सफेद डेजी एवं सांवलियाजी से पर्पल गुल दाउदी, गुलाब फूल ठाकुरजी को धराये और मोगरा, कश्मीरी गुलाब, देशी गुलाब फूलों से ठाकुरजी का आकर्षक श्रृंगार किया गया। वही श्रद्धालुओं ने श्री ठाकुर जी की अनुपम छवि के दर्शन किए।
वही छप्पन भोग मनोरथ महोत्सव के दौरान दिन भर श्रद्धालुओं का मंदिर में तांता लगा रहा तथा ग्रामीणों द्वारा पूरे मंदिर को फूलों एवं दुधिया रोशनियों से सजाया गया। शाम 5 से 6 बजे तक ठाकुरजी को सूप, चटनी, सिखरन, शरबत, बालका, इक्षु, बटक, मठरी, फेनी, पूडी, खजला, घेवर, मालपुआ, चोला, जलेबी, मेसू, रसगुल्ला, पगी हुई, महारायता, परिखा, सौंफ युक्त बिलसारू, लड्डू, साग, अधौना अचार, मोठ, खीर, दही सहित 56 तरह के व्यजनों से छप्पन भोग धराया गया। ठाकुरजी को छप्पन भोग धराने पश्चात महाआरती हुई, तत्पश्चात छप्पन भोग के श्रद्धालुओं ने दर्शन किये।

छप्पन भोग से पूर्व हुआ भजन कीर्तन

मेनार में हर माह अमावस्या को ठाकुरजी को छप्पन भोग धराया जाता है। छप्पन भोग से पूर्व श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में भजन कीर्तन किये। जिसमें सांवरियो है सेठ, म्हारीं राधा जी सेठानी हैं,
या तो जाने दुनिया सारी है, सांवरियो है सेठ, झुलनी पे सेठ सांवरो झुलवा ने जावे सा, बन्नाे मारो चारभुजा रो नाथ बन्नी तो मारी तुलसा लाडली सहित भजनों पर श्रद्धालु खूब थिरके, महिलाओं भी खूब थिरकी। महाआरती उपरांत भक्तों ने भोग के दर्शन किये। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष मौजूद रहे। वही आरती के बाद प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरण किया गया।

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