राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय द्वारा भारत रत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती समरसता दिवस के रूप में मनाई ,पुष्पांजलि के बाद आयोजित की सभा में जीवनी पर प्रकाश डाला

बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय जिला शाखा प्रथम उदयपुर द्वारा आज शुक्रवार को डॉ.भीमराव अंबेडकर की 133 वी जन्म जयंती  समरसता दिवस के रूप में मनाई । जिला शाखा एवं उप शाखाओं के समस्त पदाधिकारी एवं कई शिक्षक प्रातः 9 बजे उदयपुर कोर्ट चौराहा स्थित अंबेडकर सर्कल पहुंचे । जहा विशाल आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण एवम पुष्पांजलि अर्पित कर अंबेडकर जिंदाबाद का जय घोष किया । उसके बाद पास में ही स्थित एक उद्यान में सभा आयोजित की, जिसमें अंबेडकर के जीवन पर विभिन्न वक्ताओं ने प्रकाश डाला, इस अवसर पर अग्रिम पंक्ति के पदाधिकारियों ने पुनः अंबेडकर की तस्वीर पर पुष्पांजलि माल्यार्पण कर ,दीप प्रज्वलन किया । बाद में सभा में उपस्थित सभी शिक्षकों ने एक एक कर श्रद्धा सुमन स्वरूप अंबेडकर की तस्वीर के समक्ष पुष्प अर्पित कर नमन किया । इस अवसर पर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ , पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी नरेश डांगी , जिला शाखा प्रथम के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला, पर्यवेक्षक हेमंत मेनारिया, पूर्व अध्यक्ष भेरूलाल तेली ने सभा को संबोधित करते हुए अंबेडकर के बाल्यकाल से लेकर संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका तक के जीवन चक्र पर प्रकाश डाला। आज केक समरसता दिवस के सफल आयोजन में सहयोग और मार्गदर्शन और निरीक्षण के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक हेमंत मेनारिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की अंबेडकर ने हमें समानता और समरसता का पाठ सिखाया जो आज की महती आवश्यकता है हमें किसी भी महापुरुष के जीवन को अच्छे ढंग से समझने के लिए स्वाध्याय एवं गहन अध्ययन की आवश्यकता होती है लेकिन आजकल हम सोशल मीडिया के जमाने में दूसरों द्वारा शेयर की जा रही आधी अधूरी जानकारी को आगे बढ़ाते रहते हैं या अपनी सोच के अनुरूप पक्ष या विरोध में कमेंट्स करते रहते है, जिससे गलतफहमियां पैदा होती है पिछले आठ सो वर्षो में ही वर्ण व्यवस्था को लेकर गलतफहमियां पैदा की गई जिससे आपस में समरसता की जगह वेमनस्यता पैदा हुई । हमें खुद अधिक से अधिक स्वाध्याय करना चाहिए ताकि सच्चाई का पता लगा सके । प्रदेश उपाध्यक्ष अभय सिंह राठौड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम आज एक होते हुए भी विभिन्न टुकड़ों में बढ़ते जा रहे हैं जब की आवश्यकता सभी संगठनों को एक मंच पर आकर आपसी समरसता के साथ में आगे बढ़ने की है। आज के परिपेक्ष्य में हमे अलग अलग जातिगत संगठनों की बजाय एक ही मजबूत संगठन पर बल देने की आवश्यकता है।
मुख्य वक्ता पूर्व अध्यक्ष भेरूलाल तेली ने कहां की अंबेडकर के पास हजारों पुस्तकों की व्यक्तिगत लाइब्रेरी थी उन्होंने शिक्षा और ज्ञान को अपने जीवन में आधार बनाकर सभी समाजों के लिए समानता और समरसता की पहल करते हुए उच्च शिक्षा और ज्ञान के बल पर संविधान निर्माण में मुख्य भूमिका अदा की जो संपूर्ण भारतवर्ष के लिए प्रेरणा के स्रोत है। जिला शाखा के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला ने अपने उद्बोधन में कहा की डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपनी उच्च शिक्षा और ज्ञान का लाभ संविधान निर्माण के माध्यम से संपूर्ण देशवासियों को दिया । संपूर्ण भारतवर्ष आज उनकी उच्च सोच के चलते हुए कानून और संविधान के माध्यम से एक सूत्र में बंधा हुआ है । कार्यक्रम का संचालन जिला शाखा प्रथम के जिला मंत्री चंदनमल बागड़ी ने किया। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में विभाग संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह सारंगदेवोत, पूर्व जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह पंवार , जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता ,प्रदेश सेवा निवृत्त प्रकोष्ठ सदस्य पुरुषोत्तम देव, पूर्व मण्डल जिलामंत्री बसंतीलालजी श्रीमाली,प्रदेश मिडिया प्रभारी पारस जी जैन, जिला महिला मंत्री उमा रांका,मावली ब महिला मंत्री लीला जाट, , गिर्वा उपशाखा अध्यक्ष करणसिहं चौहान, मंत्री डां•कौशल्या सोलंकी, नगर “अ” अध्यक्ष अशफाक कुरैशी,मंत्री-शशिकान्त शाह, नगर “ब” अध्यक्ष मदनलाल आमेटा, मंत्री शान्तिलाल गार्सिया, बड़गांव “अ” अध्यक्ष-दिनेश पालीवाल, बड़गांव “ब” मंत्री सत्यनारायण जोशी, कोषाध्यक्ष पुष्पकान्त व्यास, मुकेश जोशी,ललित बुनकर, राकेश पालीवाल, श्याम लाल व्यास,किशनलाल सालवी,रवि श्रीमाली,लक्ष्मी लाल नागदा,शंकरलाल कुंवाल, विष्णुशंकर जोशी, नरेन्द्र आमेटा,रमेशचन्द्र टांक,राधेश्याम त्रिवेदी, सुरेन्द्रसिहं चोधरी धीरज वैरागी, आदि कई शिक्षक भाई बहिन उपस्थित रहें।अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन जिला शाखा प्रथम के कोषाध्यक्ष राकेश मेनारिया ने किया। उक्त जानकारी जिला मिडिया प्रभारी गोपाल मेहता मेनारिया ने दी।

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