कुँथवास में श्रीमद् भागवत कथा का समापन
भींडर । कुँथवास ग्राम में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का गुरुवार को समापन हुआ। कथा के आखरी दिन कथावाचक साध्वी निष्ठा गोपाल सरस्वती दीदी और माही सरस्वती दीदी कृष्ण सुदामा की मित्रता का बखान किया मित्रता में उचनीच न रखकर समरसता से रहने का उपदेश दिया । ओर मनुष्य के जीवनचक्र के बारे में बताते हुए 84 लाख योनियों को पार करने का उपाय श्रीमद् भागवत और गौ रक्षा ही है बताते हुए श्रीमद् भागवत कथा का समापन किया कथा में आज आस पास के ग्रामीण और सैकड़ों महिला व पुरुषो ने श्रीमद् भागवत कथा का लाभ लिया । शक्तावत परिवार ने ग्राम सर्वसमाज की प्रतिभाओं का सम्मान समारोह रखा जिसमे शक्तावत परिवार के वरिष्ठ जनों द्वारा इंडियन आर्मी में सेवा देने वाले एवम् अन्य प्रतिभाओं का उपरना पहनाकर सम्मान किया गया और ग्राम के सभी लोगो जुलूस और गाजे बाजे के साथ साध्वी जी को से विदाई दी। कुँथवास में शक्तावत परिवार की ओर से इस कथा का आयोजन किया गया
