मेनार हनुमंत धाम में हनुमानजी जन्मोत्सव पर असम से आई हनुमानजी की सूक्ष्म मूर्ति की अभिजीत मुहूर्त में होगी स्थापना
इस कार्यक्रम को लेकर गांव-गांव पीले चावल रखकर दिया जा रहा है निमंत्रण, पत्रक बांटे जा रहे हैं
बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । हनुमानजी जन्मोत्सव 6 अप्रैल को उदयपुर से चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे 48 मेनार माल में कंचन सेवा संस्थान भटेवर द्वारा हनुमंत धाम बनाया जा रहा है और इस हनुमंत धाम में 84 फिट ऊंची 11 मुखी हनुमानजी की मूर्ति का निर्माण किया जाएगा। डॉक्टर छैल बिहारी शर्मा ने बताया कि हनुमंत धाम मेनार में हनुमान जन्मोत्सव को लेकर बैठक हुई, जिससे आसपास गाँवो सहित जिलेभर में इस कार्यक्रम के आमंत्रण हेतु निमंत्रण दिया जा रहा है। उसी संदर्भ में शुक्रवार, शनिवार को कंचन सेवा संस्थान के डॉक्टर छैल बिहारी शर्मा, पूर्व उपप्रधान मोहनलाल मेनारिया, वनपाल गोपीलाल मेनारिया एवं कई धर्म धर्म प्रेमी बंधुओं के साथ बांसड़ा, मेनार, रुण्डेड़ा, अमरपुरा, खेरोदा, खरसान, मावली डांगीयान, कुमार खेड़ा, वाना, रोहिड़ा, ईंटाली, बाठरड़ा खुर्द एवं भटेवर गाँवो में हनुमंत धाम में 6 अप्रैल को हनुमानजी मूर्ति स्थापना कार्यक्रम के लिए पीले चावल रखकर निमंत्रण दिया गया, साथ ही पत्रक वितरण किये गए। सभी गाँवो में निमंत्रण के साथ ही कार्यक्रम की रूपरेखा को चर्चा की गई, जिसमें हनुमंत धाम मेनार में 6 अप्रैल को मूर्ति स्थापना से पूर्व हवन, सुंदरकांड पाठ, हवन की पूर्णाहुति एवं भोजन व्यवस्था के बारे में विस्तार से बात की गई। उक्त जानकारी वन अधीनस्थ कर्मचारी महासंघ उदयपुर एकीकृत अध्यक्ष गोपीलाल मेनारिया ने दी।
असम से आयी मूर्ति की होगी स्थापना
ड़ॉ. छैल बिहारी ने बताया कि हनुमानजी जन्मोत्सव 6 अप्रैल को सूक्ष्म हनुमानजी की अभिजीत मुहूर्त 12.15 बजे पंडित प्रभाशंकर आमेटा के सानिध्य में हनुमंत धाम मेनार में मूर्ति स्थापना होगी। यह मूर्ति असम में निर्मित होकर यहाँ लायी गई है, जिसकी स्थापना की जाएगी, जो सिद्ध हनुमानजी की है
नीव की ईंट जाएगी गांव-गांव
डॉ. छैल बिहारी ने बताया कि हनुमानजी मूर्ति निर्माण से पूर्व 4 दिसंबर 2022 को भूमि पूजन हुआ और अब हनुमान प्रतिमा स्थापना के साथ ही निर्माण का कार्य शुरू होगा। इस सूक्ष्म हनुमानजी की मूर्ति स्थापना के बाद अगले चरण में 84 फिट ऊंची प्रतिमा की स्थापना की जाएगी, जिस मूर्ति स्थापना से पूर्व नीव की ईंट शुभ मुहूर्त में लगाई जाएगी। इससे पहले नीव की ईंट को संस्थान के लोग गांव-गांव में एक-एक ईंट पहुचाएंगे, जो ढोल, थाली मादल एवं गाजे बाजे के साथ पहुँचायी जाएगी, इसके बाद गांव में नीव की ईंट का पूजन अर्चन पश्चात गांव के ग्रामीणों द्वारा गाजे बाजे के साथ पुनः नीव की ईंट को संस्थान तक पहुँचायी जाएगी। सभी गाँवो से नीव की ईंट आने पर शुभ मुहूर्त में हनुमान प्रतिमा निर्माण की नींव रखी जायेगी।
84 फीट हनुमान जी की मूर्ति के साथ 108 हनुमान जी के सूक्ष्म रूप भी होंगे
डॉक्टर छैल बिहारी ने बताया कि इस 84 फीट हनुमान जी की मूर्ति के साथ 108 हनुमान जी के सूक्ष्म रूप भी होंगे, तथा साथ में लक्ष्मी जी, गणेश जी की मूर्तिया स्थापित होगी। इसके अलावा यह विश्व की 11 मुखी हनुमान जी की पूजनीय पहली मूर्ति होगी। जिसका निर्माण नागौर, पुणे, पाली जिले के बेस्ट कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए ऐसा रूप देंगे की इस रूट पर चित्तौड़गढ़ एवं आवरी माताजी, श्री सांवलिया सेठ का दर्शन करने के लिए जो पर्यटक जाएंगे, वह पर्यटक इस मूर्ति का दर्शन करने के बाद ही आगे जाएंगे। ऐसी अलौकिक रूप में होगी।
