जीवन का सबसे बड़ा शत्रु लोभ है — साध्वी सरस्वती
भींडर । भारतीय नववर्ष स्वागत समिति के तत्वाधान में रेलवे स्टेशन स्थित कृषि उपज मंडी में शुरू हुई राष्ट्रोत्थान श्री राम कथा के चौथे दिन साध्वी सरस्वती दीदी ने कहा पूरी रामचरितमानस की कथा का सार राम है राम जन्म का अवधपुरी में 1 माह तक आनंद उत्सव मनाया गया आनंद अनुभव करने की वस्तु है
अपने धन को दस प्रतिशत समाज धर्म और राष्ट्र के लिए लगाना चाहिए जीवन का सबसे बड़ा शत्रु लोग है संतोष ही परम धन है। राम जी की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि विश्वामित्र का दशरथ से राम जी मांगते हुए बताया कि जब जब देश में धर्म पर आतताईयो ने दृश्यता की तब तब संतों ने समाज से युवा मांगे है समाज को जगाया है गौ हत्या का मार्मिक वर्णन कल गौ रक्षा की सबसे गुरु दक्षिणा मांगी। कथा के दौरान ताड़का, उद्धार, अहिल्या, धनुष यज्ञ प्रसंग श्री राम विवाह प्रसंग सुनाकर पूरे पंडाल को मंत्रमुग्ध कर दिया सीताराम विवाह की झांकी प्रस्तुति दी गई। साथ ही भजनों पर पुरूष व महिलाओं ने भजनों पर नृत्य भी किया था। कथा को सुनने में लिए प्रतिदिन आसपास के गांवों से लोग आ रहे हैं।कथा से पूर्व साध्वी सरस्वती ने सोमवार को सुबह मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्ण धाम भगवान श्री सांवलिया सेठ के दर्शन भी किए थे वहां उनका पुजारी द्वारा मंदिर परंपरा अनुसार उपरना व महाप्रसाद देकर सम्मान किया गया था
राष्ट्रीय कवि आज आएंगे कथा में
राष्ट्रीय कवि अमित शर्मा मंगलवार को रामकथा में रहेंगे और कविता पाठ करेंगे।
