मेनार ठाकुरजी मन्दिर पर स्वर्ण कलश, ध्वजादंड स्थापना पश्चात आचार्य अम्बालाल शर्मा, अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत सहित एक दर्जन से ज्यादा पंडितों का ग्रामवासियों ने किया सम्मान
आचार्य को स्नेह भोज के साथ दी भावभीनी विदाई
बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । मेनार में ओंकारेश्वर चौक स्थित करीब 50 लाख रुपये से निर्मित प्राचीन श्री चारभुजा मन्दिर के जिर्णोद्वार पर मन्दिर पर स्वर्ण कलश, ध्वजादंड स्थापना एवं श्रीमद् भागवत् कथा कार्यक्रम 28 जनवरी से शुर हुए, जो विधि विधान से प्रतिष्ठा समारोह 5 फरवरी को रवि पुष्य नक्षत्र में मन्दिर पर स्वर्ण कलश, ध्वजादंड स्थापना व नव कुंडीय महाविष्णुयाग महायज्ञ अनुष्ठान पूर्णाहुति पर शुभ मुहूर्त में संपन्न हुआ। इस सारे कार्यक्रम को आचार्य अम्बालाल शर्मा, सराड़ी सहित 18 पंडितों द्वारा संपादित करवाया गया। जिस पर सोमवार को आचार्य अम्बालाल शर्मा सहित 18 पंडितों को मेनार ग्रामवासियों ने मेनार आमंत्रित किया और अम्बेमाता पंचायती नोहरे में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सभी ग्रामवासियों की ओर से आचार्य अम्बालाल शर्मा व 18 पंडितों का मेवाड़ी पाग, तिलक, उपरणा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा स्नेह भोज के साथ भावभीनी विदाई दी गई, तथा ग्रामवासी मेनार से आचार्य के निज आवास सराड़ी तक छोड़ने गए। साथ ही इस सारे कार्यक्रम का सम्पूर्ण आय व्यय का ब्यौरे में पारदर्शिता रखने वाले मेनार के वरिष्ठ अधिवक्ता, विप्र तहसील अध्यक्ष हुक्मीचंद सांगावत का भी मेवाड़ी पाग, तिलक, उपरणा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिनके द्वारा 75 वर्ष की उम्र में भी इस पुरे आयोजन में एक्टिव रहते हुए कार्य किया।
वही सम्मान समारोह कार्यक्रम में अम्बालाल रूपावत, ओंकारलाल भलावत, विजयलाल एकलिंगदासोत उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत व युवा वर्ग से किशन रणछोड ने अपने विचार रखे तथा आभार व्यक्त किया। विप्र जिलामहासचिव देहात प्रेमशंकर रामावत ने बताया कि आचार्य अम्बालाल शर्मा द्वारा विधिविधान से यह सारा आयोजन करवाया, इसके लिए समस्त ग्रामवासी आचार्य का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करते हैं। इस दौरान गांव के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बता दें कि ठाकुरजी मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत 5 फरवरी 23 को सुबह 11.15 बजे रवि पुष्य नक्षत्र योग में पंडित अम्बालाल शर्मा के नेतृत्व में 18 पंडितों शंकरलाल चौबीसा, यज्ञ के ब्रह्मा पंडित विकास जोशी, जगदीश नागदा के सहित अन्य पंडितों द्वारा मंत्र वाचन के साथ ठाकुरजी मंदिर पर तोरण पर कलश, दर्शक मंडप व मुख्य शिखर मंदिर पर स्वर्ण कलशारोहण कन्हैयालाल पिता श्रीलाल ठाकरोत द्वारा 22.21 लाख रुपये की बोली लगाकर एवं महाध्वज दंडारोहण मांगीलाल लुणावत द्वारा 6.05 लाख रुपये की बोली लगकर स्थापना की गई, इस दौरान ठाकुरजी के अनन्य भक्तों द्वारा स्वर्ण कलश स्थापना समय पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की।
