महाशिवरात्रि नीलकंठ महादेव राणेरा कि पाल मेला : भोर तक चली भजन संध्या, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
महाशिवरात्रि पर नीलकंठ महादेव मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़, लगे जयकारे
वल्लभनगर । मेवाड़ के सुप्रसिद्ध नीलकंठ महादेव राणेरा की पाल ढुढिया नांदोली खुर्द के तीन दिवसीय विशाल महाशिवरात्रि मेले के मुख्य दिन को नीलकंठ महादेव विकास समिति के द्वारा तालाब के पास पार्किंग स्थल में बने हुए पांडाल परिसर में आयोजित विशाल भजन संध्या तड़के तक चली। जिसमें हज़ारों की संख्या में मौजूद श्रृद्धालुओं ने भजन संध्या का जमकर आनंद लिया। भजन संध्या में सर्वप्रथम कच्छ भीलवाड़ा की प्रसिद्ध भजन गायक करण सोलंकी ने गुरु व गणपति वंदना के साथ इस विशाल भजन संध्या का आगाज किया। तत्पश्चात गायिका करण सोलंकी ने भोलेनाथ लाखों गजब सांवरियो है सेठ- म्हारी राधाजी तो सेठानी है.. मीठे रस से भरीयोड़ी राधारानी लागे.., अईया आंख ना दिखावों थाने पाप लागे.. शेरमां शेरमां रे किस्मत की गाड़ी चाले टोप गेरमां रे.. सहित कई अन्य भजन, राजस्थानी, गुजराती, हिन्दी तथा देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। तो श्रोताओं भजनों पर खूब झूमे। गायक भैरू पीपली ममता राठौड़ भेरू लाल बारेगामा भजन प्रस्तुत करने के दौरान श्रोताओं से भरा पांडाल जयकारों के साथ गुंज उठा।
मध्य रात्रि बाद भजन संध्या में ममता राठौड़ ने किर्तन की है रात भोलेनाथ आज थाने आणों है.., जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा- भक्त पुकारें तो तुम्हें आना पड़ेगा, शिव तांडव स्तोत्र.., वो महाराणा प्रताप कठे.., हरे घास री रोटी.. सहित विभिन्न एक से बढ़कर एक भजन और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। गायक कलाकार करण सोलंकी और गायक भैरूं पिपली की जुगलबंदी में प्रस्तुत किए भजनों की धुन पर श्रोता झूम-झूम कर नाचे। भजन संध्या प्रातः 4 बजे तक चली। जिसमें हज़ारों की संख्या में लोगो का जनसैलाब उमड़ा।
