मेनार में दीवारों पर उकेरी गई पक्षी पेंटिंग्स देखकर गदगद हुए पक्षी विशेषज्ञ

मेनार के जलाशयों की अंडर वाटर प्रोडक्टिविटी बेहतरीन – डॉ असद रहमानी

बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । उदयपुर बर्ड फेस्टिवल के के दौरान फील्ड विजिट के तहत विगत दिनों पक्षी विज्ञानिकों, पक्षी विशेषज्ञों, पर्यावरण प्रेमियों के दल अलसुबह पक्षी विहार मेनार का भ्रमण किया और मेनार की पारिस्थितिकी, जलाशयों और इनमें मौजूद सैंकड़ों प्रजाति की हजारों देसी विदेशी परिंदों की विभिन्न मनभावन गतिविधियों को देखकर रोमांचित हुए।
डॉ असद रहमानी ने स्थानीय पक्षीविद दर्शन मेनारिया के साथ बात करते हुए कहा कि मेनार के लोगों ने इन तालाबों को पहले से अच्छे से सहेजकर रखा हुआ है। यदि विकास करना है तो यहां आसपास अच्छे शौचालय बनाए। यहां के स्कूलों को वर्ल्ड क्लास बनाए। तालाब के पानी को न छेड़ें। यहां के जलाशयों की अंडर वाटर प्रोडक्टिविटी भी बेहतरीन है। पक्षियों के लिए स्वर्ग है मेनार के जलाशय। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पहली बार इतनी तादाद में पक्षियों को देखकर इन्हे जानने की जिज्ञासा महसूस की।

पक्षी पेंटिंग्स देखकर गदगद हुए पक्षी विशेषज्ञ

डॉ असद रहमानी व पक्षी बाल साहित्यकार गरिमा भाटिया, डॉ सतीश शर्मा ने बताया कि इस तरह से सम्पूर्ण गांव में तालाब किनारे व घरों पर मेनार के पक्षियों को लेकर जागरूकता दर्शाती इस तरह की पेंटिंग्स पूरे भारत वर्ष में एक अनूठा उदाहरण है। इस अद्भुत सोच के लिए बधाई दी। दर्शन मेनारिया ने बताया कि कि पक्षी विहार मेनार में संपूर्ण गांव में और जलाशयों के किनारे स्थानीय पक्षी मित्रों के अनुरोध पर पक्षियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली वॉल पेंटिंग्स आर एस एम एम व वन संरक्षक उदयपुर के सहयोग से बनवाई गई हैं।

प्रकृतिविद गरिमा भाटिया ने किया बच्चो से संवाद

पक्षीविद दर्शन मेनारिया के आग्रह पर प्रकृति विद और बच्चों में पक्षियों के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने वाली खेल गतिविधियों, बाल साहित्य को लेकर गरिमा भाटिया ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय मेनार के विद्यार्थियों से वार्ता की। पक्षियों के बारे में रोचक जानकारी देते हुए बच्चो के सवालों के जवाब दिए और बताया कि आपके पास इतना अद्भुत पक्षियों का संसार है जो शहरी बच्चो को उपलब्ध नहीं है। इन्हे निहारिए और प्रकृति के आनंद में खो जाइए। भाटिया ने यह भी कहा कि यहां के स्थानीय लोग इन जलाशयों के प्रति इतने जुड़े हुए है यह देखकर अच्छा लगा। मेनार में एक ही जगह पर पक्षियों की इतनी सारी प्रजातियों को देख पाना अविश्वसनीय है।

पक्षी विशेषज्ञ व लेखक, वनाधिकारी पहुंचे मेनार

बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के पूर्व निदेशक असद रहमानी, वैज्ञानिक सतीश शर्मा, बंगलौर की प्रकृतिविद गरिमा भाटिया, डेजर्ट नेशनल पार्क से जुड़ी ज्योति, रजत भार्गव, पूर्व डी एफ ओ सुहैल मजबूर, वनाधिकारी शैतान सिंह, रजत चोरड़िया।

इन प्रजातियों के पक्षी दर्शन किए

ब्लैक नेक्ड स्टोर्क,रोजी पेलीकन, डालमेशन पेलिकन, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीब, कॉमन पोचार्ड, व्हिस्कर्ड टर्न, रिवर टर्न, स्मॉल प्रेटिनकॉल, कॉमन स्नाइप, लिटिल स्टिंट, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, ब्लैक टेल्ड गोडविट, मार्श हेरियर, स्पून बिल, नॉर्दन शोवलर, टफ्टेड डक, हल्दी कुमकुम, जामुनी जलमुर्गी, लिटिल ग्रीब, शॉर्ट टॉड स्नेक ईगल, सारस क्रेन सहित सौ से अधिक प्रजाति के पक्षी दिखे।

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