देवपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तीन डॉक्टर होने के बाद भी एक भी उपस्थित नहीं,पर्ची काटने वाले ही लिखकर देते दवाई

सराडा,नितेश पटेल । उदयपुर जिले के जयसमंद पंचायत समिति के ग्राम पंचायत देवपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर तीन डॉक्टर होने के बाद एक भी डॉक्टर कभी नजर नहीं आता है यह मसला आज से नहीं बल्कि करीब कई महीनो से चल रहा है डॉक्टर एक दिन आता है और उपस्थिति रजिस्टर में एक साथ हस्ताक्षर करके चले जाते है ना दिन में डॉक्टर मिलते है ना रात को दिन में भी ओपीडी स्टाफ रहता है लेकिन वो भी ढेढ़ बजे निकल बनते है बाद में जाने वाले मरीज को वापस बिना दवाई के निराश होकर लौटना पड़ता है ओपीडी पर पर्ची काटने वाले ही दवाई लिखकर देते है डॉक्टर के लिए पूछने पर मीटिंग में जाने का हवाला देकर मरीज को भेज दिया जाता है इस हॉस्पिटल में महीने की दस से बारह महिलाओ की डिलेवरी होती थी वो शून्य के बराबर हो चुकी है 2 बजे बाद शाम की ड्यूटी करने वाला स्टाफ हॉस्पिटल का गेट बंद करके क्वाटर में जाकर बैठे रहते है और मरीज को बैरंग लोटना पड़ता है रात को आने डिलीवरी वाले लोगों को 25 किलोमीटर दूर झाड़ोल जाना पड़ता है कभी दुर्घटना होने पर पोस्टमार्टम के लिए भी झाड़ोल जाना पड़ता है मरीजों मजबूरन उन्हें झोलाछाफ डॉक्टर के पास जाना पड़ता है उनके पास पैसे नहीं होने के बाद भी वो उधार लेकर इलाज करवाते है लोगो का कहना है की इसकी पूर्व में भी बीसीएमओ को शिकायत कर चुके है लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है।

इनका कहना है

डॉक्टर को पाबंद किया है लेकिन फिर भी वो मनमानी कर रहा है उसका वेतन रोक दिया गया है सीएमएचओ से बात कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है उसे सस्पेंड करेंगे।बीसीएमओ डॉ. सुरेश मंडावरीया

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