60 सदस्यीय तीर्थ यात्रियों का दल 38 दिन की यात्रा के लिए रवाना, पूर्वी, दक्षिणी भारत के 2 धाम एवं नेपाल के पशुपतिनाथ भगवान के करेंगे दर्शन
मेनार से निकलने वाले यात्री माँ जगदंबा की पूजा अर्चना कर सुबह 11.15 बजे शुभ मुहूर्त में हुए रवाना, एक फरवरी 2023 को पुनः लौटेगी यात्रा
वल्लभनगर 25 दिस. :- उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर के मेनार, खरसान, वाना, खेरोदा, मावली डांगीयान, बाठेड़ा खुर्द से तीर्थ यात्रियों का एक दल दो लग्जरी बसों द्वारा रविवार सुबह शुभ मुहूर्त में रवाना हुआ, जो 38 दिन की पूर्वी, दक्षिणी भारत की यात्रा कर पुनः लौटेगा। यात्रा संचालक राजकुमार मेनारिया ने बताया कि “मेरी यात्रा” की ओर से यह यात्रा निकाली गयी है। इस यात्रा में 2 बसों में 60 तीर्थ यात्री है, जिसमें एक बस में 26 एव दूसरी बस में 34 यात्री है। यात्रियों के खाने, रहने, पानी की व्यवस्था मेरी यात्रा की ओर से की गई है। मेनार पिपली चौक से बसे सुबह 11.15 बजे विधि विधान से तीर्थ यात्रियों द्वारा माँ जगदंबा जी की पूजा अर्चना कर रवाना हुई। तीर्थ यात्रा को लेकर यात्रियों के साथ-साथ ग्रामीणों में भी काफी उत्साह देखा गया। परिजनों ने यात्रा की मंगलमय कामना के साथ तीर्थ यात्रियों को रवाना किया। ग्रामीणों ने जय माता दी, जय श्री राम, जय भैरूनाथजी, जय चारभुजानाथजी सरीखे नारों के साथ उन्हें विदा किया। इस दौरान कई ग्रामीण महिलाओं, पुरुषों की आंखे नम हो गयी। सेवानिवृत्त शारिरिक शिक्षक दुर्गाशंकर दियावत ने बताया कि यात्रा मानव जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, और कहा कि तिरुपति, जगन्नाथपुरी के समक्ष हम सब अपने गांव तथा देश के कल्याण तथा देश की कोरोना से मुक्ति के लिए कामना करेंगे।
यात्रा मेनार से सबसे पहले पहुँची मंडफिया
यात्रा सबसे पहले दर्शन के लिए सांवलियाजी, मंडफिया पहुँची, जहाँ भगवान के जयकारों के बीच तीर्थ यात्रियों ने दर्शन किए। यात्री देवीलाल ठाकरोत ने बताया कि इस 38 दिन की यात्रा में दो धाम एवं नेपाल की यात्रा होगी, जिसमें गंगासागर, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम एवं नेपाल में पशुपतिनाथ, जनकपुर, सीतामढ़ी, गया बौद्धगया के साथ अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन होंगे। अंतिम में मध्यप्रदेश में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन उपरांत यात्रा एक फरवरी 2023 को पुनः लौटेगी।
