पशुओं को ठंड से बचाने हेतु आवश्यक उपाय : डॉ. रोहिताश कुमार, शिक्षण सहायक, पशु विज्ञान केंद्र, नागौर
सर्दियों में पशुओं को ठंड से बचाव हेतु आवश्यक
देखभाल के लिए समुचित उपाय अपनाया जाना
आवश्यक है। पूर्ण उत्पादन प्राप्त करने के लिए सर्दियों में
पशुओं को ठंड से बचाना अत्यावश्यक है। यदि पशु को
ठंडी हवा व धुंध / कोहरा से बचाव का समुचित प्रबंध ना
हो तो पशु बीमार पड़ जाते हैं, जिससे उनके उत्पादन
क्षमता में तो गिरावट आती ही है साथ ही साथ पशु
न्यूमोनिया जैसे रोगों के कारण मृत्यु को भी प्राप्त कर
सकते हैं। पशुपालकों को चाहिए कि वह अपने पशुओं
का सर्दी के मौसम में विशेष ध्यान रखें तथा उन्हें सर्दी से
बचाने के निम्नलिखित उपाय करें:
- पशुशाला के दरवाजे खिड़कियां व अन्य खुले स्थान पर
रात के समय बोरी, त्रिपाल व टाट को टांगना चाहिए
जिससे पशुओं को सीधी ठंडी हवा से बचाया जा सके। - रात के समय पर पशुशाला के फर्श पर पराली या भूसा
को बिछाएं जिससे फर्श से सीधी ठंड पशुओं को न
लगे। - पशुशाला का फर्श ढलान युक्त होना चाहिए जिससे
पशुओं का मूत्र बहकर निकल जाए ताकि बिछावन
सूखा बना रहे । - पशुओं को दिन के समय धूप में छोड़ें इससे पशुसाला
का फर्श अथवा जमीन सूख जाएगा तथा पशु को
गर्माहट भी मिलेगी। - पशु को ताजा व स्वच्छ पानी ही पिलाएं जो अधिक
ठंडा ना हो । - नवजात बच्चों व बीमार पशुओं को रात के समय किसी
बोरी या तिरपाल से ढक दें तथा सुबह धूप निकलने पर
हटा दें। - पशुओं को हरे चारे विशेषकर वरसीम के साथ तूड़ी
अथवा भूसा मिलाकर खिलाएं। रात के समय में पशुओं
को सूखा चारा आहार के रूप में उपलब्ध कराएं।
