मेनार से लेकर नीलकंठ महादेव, राणेरा तक कावड़ यात्रा
बाँसड़ा । उदयपुर जिले मेनार से लेकर नीलकंठ महादेव, राणेरा तक रविवार को कावड़ यात्रा में शिव भक्ति का ज्वार उमड़ा, जिसमें 21 गाँवो से भी ज्यादा गाँवो के लोग शामिल हुए। मेहतागढ़ मेनार से राणेरा महादेवजी, ढूंढिया तक 16 किलोमीटर की रविवार को कावड़ यात्रा निकाली गई। कावड़ यात्रियों ने मेनार ब्रह्म सागर के पाल पर स्थित माँ जगदम्बा के दरबार में गंगा, नर्बदा, सरयू, सरस्वती, कावेरी, गंगासागर, ब्रह्म सागर नदियों के जल से कावड़ में भरा। इससे पूर्व क्षेत्र की मुख्य शक्तिपीठ अम्बामाता जी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कावड़ की पूजा अर्चना कर कावड़ यात्रा शुरू की गई। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारो से मंदिर गूंज उठा। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ कावड़ यात्रा रवाना हुई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी व भारी पुलिस बल तैनात रहा।

रास्ते में कई स्थानों (18 जगहों) पर ग्रामीणों, व्यापारिक प्रतिष्ठानो, सामाजिक, विप्र फाउंडेशन, देवनारायण सेना, मेवाड़ ब्रह्म शक्ति, माँ आंजना ग्रुप एवं धार्मिक संगठनों द्वारा कावडियो का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
कावड़ यात्रा संघ मेनार, विहिप बजरंग दल की यह पांचवी कावड़ यात्रा है। इस दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह रहा। कावड़ यात्रा में सजी-धजी कावड़ लेकर एवं धोती कुर्ता से सजे कावड़िये उत्साह से चल रहे थे।

पैदल यात्री महिला, पुरुष भी डीजे पर बज रही शिव धुनों पर थिरकते हुए चले। कावड़ यात्रा में भोलेनाथ की झांकीया सजाई गई। कावड़ यात्रा मेनार अम्बामाता जी मंदिर से वाना, डांगी खेड़ा, कीर की चौकी, ढूंढिया होते हुए राणेरा महादेव जी पहुंची। जहाँ कावडियों ने क्षेत्र की सुख शांति एवं खुशहाली की कामना एवं अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए प्रार्थना की और शिवालय में जाकर गंगाजल, दूध, पंचामृत एवं बिल्व पत्रों से जलाभिषेक किया। इससे पूर्व राणेरा महादेव मंदिर पर सुबह से पंडित ललित कुमार व्यास द्वारा हवन, रुद्राभिषेक किया गया।
समाजसेवीयो ने किया स्वागत
कीर की चौकी में कावड़ यात्रा के पहुँचने पर एसआरएम ग्रुप के चेयरमैन रतन सिंह झाला, सीआर रतन सिंह राठौड़, प.स. वल्लभनगर प्रधान देवीलाल नंगारची द्वारा कावडियों पर पुष्प वर्षा कर कावड़ यात्रा का स्वागत किया। वही वल्लभनगर विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत के निर्देश पर कांग्रेस जिला महासचिव ओमप्रकाश मेनारिया एवं कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
इनपुट : कन्हैयालाल मेनारिया
