मेनार से राणेरा महादेवजी, ढूँढिया भव्य कावड़ यात्रा निकलेगी 7 अगस्त को, कावड़िये महादेव मंदिर पहुँच शिवजी का करेंगे जलाभिषेक
कावड़ यात्रा को लेकर अम्बे माता मंदिर मेनार में हुई बैठक
वल्लभनगर । कोविड से जुड़ी पाबंदियों के चलते पिछले दो वर्षों से कांवड़ यात्रा पहले जैसी धूमधाम के साथ आयोजित नहीं हो पाई थी, मगर क्षेत्र में अब इस साल फिर से पहले की तरह पूरी धूमधाम से कांवड़ यात्रा निकालने की तैयारी है। अब चूंकि देश के अधिकांश नागरिकों को पहली, दूसरी एवं बूस्टर डोज भी कई मामलों में टीकाकरण की खुराक मिल गई है, इसलिए इस साल फिर से कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इसी के तहत सावन मास के अंतिम सोमवार से पूर्व 7 अगस्त को कावड़ यात्रा संघ मेनार, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के नेतृत्व में मेनार से राणेरा महादेवजी, ढूँढिया भव्य कावड़ यात्रा निकाली जाएगी। कावड़ यात्रा को लेकर रविवार को युवाओं द्वारा क्षेत्र की मुख्य शक्तिपीठ माँ जगदम्बा मेनार के दरबार में बैठक की। विहिप जिला मंत्री रमेश सांगावत ने बताया कि बैठक में तय हुआ कि इस वर्ष 7 अगस्त रविवार को मेनार से विशाल कावड़ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें कावड़िये धोती, कुर्ता में होंगे। इस कावड़ यात्रा में महिला, पुरुष, युवक, युवतियां सभी शामिल होंगे, हालांकि दो साल से केवल सांकेतिक कावड़ यात्रा ही निकाली जा रही थी लेकिन इस वर्ष यह कावड़ यात्रा भव्य होगी। इससे पूर्व युवाओं द्वारा 25 अगस्त से गांव रुंडेड़ा, वाना, बांसड़ा, खरसान, बाठरड़ा खुर्द, विजयपुरा, ईंटाली, गवारड़ी, चौकड़ी, चौरवडी, भटेवर, नारायणपूरा, कीर की चौकी, हिंता, नेगडिया सहित गाँवो में पीले चावल रख कावड़ यात्रा में शामिल होने का न्यौता दिया जाएगा। वही कावड़ यात्रा राणेरा महादेव पहुँचने के बाद कावड़ियों द्वारा शिवजी के जलाभिषेक उपरांत महाप्रसादी का आयोजन होगा। बैठक में सारी व्यवस्थाओ के लिए अलग अलग युवाओं को जिम्मेदारीया दी गयी। बैठक में अंबालाल सोन्याणावाला, भेरुलाल ठाकरोत, जगदीश एकलिंगदासोत, भगवतीलाल दौलावत, मनोज रागोत, सुरेश लखमावत, राकेश रामावत, बालकिशन भलावत, दिनेश कलावत, पुष्कर कानावत, रोशन दौलावत, हुक्मीचंद हीरावत, किशन रणछोड़, पंकज भानावत, राजू एकलिंगदासोत, पूर्णाशंकर ठाकरोत, बंशीलाल मानावत, लक्ष्मीलाल ठाकरोत, बालू दियावत, दिनेश ठाकरोत, विष्णु मेरावत, पुष्कर मेरावत, दिनेश दावोत, जीवन दावोत, सुरेश दियावत, ओम मेरावत सहित अन्य मौजूद रहे।
इनपुट : कन्हैयालाल मेनारिया
