शिव आराधना का महापर्व सावन मास आज 14 जुलाई से, जो 29 दिन का होगा

सावन के सोमवार का पहला व्रत 18 जुलाई को, सावन मास में शिवभक्त करेंगे भगवान शिव की उपासना

7 अगस्त को मेनार से राणेरा महादेव, ढूँढिया निकलेगी कावड़ यात्रा, शिवभक्त करेंगे जलाभिषेक

वल्लभनगर /बाँसड़ा : प्रभु भोलेनाथ की आराधना के महापर्व पवित्र सावन मास की शुरुआत आज गुरूवार 14 जुलाई से होने जा रही है। इस बार सावन 29 दिन का रहेगा। सावन के सोमवार का पहला व्रत 18 जुलाई को रहेगा। इस महीने शिवजी की पूजा और उनका अभिषेक करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है, इस महीने शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना भी बड़ा शुभ माना जाता है। भगवान शिव अपने भक्तों को सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। वही जीवन में विवाह संबंधी कोई परेशानी आ रही हो तो सोमवार का व्रत और पूजा करने से लाभ मिलता है। मेनार में सावन मास में आने वाली चौथ से करीब 500 महिला, पुरुष, रुंडेड़ा में 550 महिला, पुरुष चौथ पर मंशापूर्ण महादेव का व्रत लेंगे। पंडित प्रभाशंकर बताते हैं कि शास्त्रों में भगवान शिव की उपासना के लिए सावन मास को सबसे उत्तम माना गया है। इस महीने में जो भी भक्त श्रद्धा भाव से भगवान शिव की आराधना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसीलिए भक्त इसी महीने में कांवड़ लेकर आते हैं और भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। सावन को मासोत्तम मास भी कहा जाता है। सावन माह के तहत ही 8 अगस्त को सावन का अंतिम सोमवार है, उससे एक दिन पूर्व 7 अगस्त रविवार को मेनार माँ जगदम्बा मंदिर से राणेरा महादेव, ढूँढिया कावड़ यात्रा निकाली जाएगी। जिसमें हजारों की संख्या में शिवभक्त शामिल होंगे, इस कावड़ यात्रा में मेनार, खरसान, रुंडेड़ा, बाठरड़ा खुर्द, ईंटाली, गवारड़ी, चौकड़ी, चौरवड़ी, बांसड़ा सहित कई गाँवो के शिवभक्त शामिल हो शिवजी का जलाभिषेक करेंगे। सावन मास में शिवलिंग और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एवं जलाभिषेक करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है।

इस बार सावन माह 29 दिन का

इस बार सावन माह 29 दिन का रहेगा, इसमें 12 दिन तीज-त्योहार रहेंगे। वहीं दो दिन पुष्य, 5 दिन सर्वार्थ सिद्धी और दो दिन अमृत सिद्धी योग रहेगा। समापन 11 अगस्त को रक्षाबंधन पर होगा। गत वर्ष 25 जुलाई से 22 अगस्त तक सावन माह था और 29 दिन का ही था और सावन माह के अंतिम दिन 22 अगस्त 2021 को रक्षाबंधन था।

सावन माह में व्रत और त्योहार

16 जुलाई संकट चतुर्दशी व्रत
18 जुलाई नाग पंचमी व पहला सोमवार
19 जुलाई मंगला गौरी पूजा
24 जुलाई कामिका एकादशी
25 जुलाई दूसरा सोमवार
26 जुलाई मासिक शिवरात्रि
28 जुलाई हरियाली अमावस्या, श्रावणी अमावस्या
31 जुलाई हिंडोला उत्सव, छोटी तीज, गणगौर तीज
01 अगस्त दूर्वा गणपति व्रत, तीसरा सोमवार
03 अगस्त कल्कि जयंती
8 अगस्त पुत्रदा एकादशी, चौथा सोमवार
11 अगस्त रक्षाबंधन

इनपुट : कन्हैयालाल मेनारिया

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