आंगनबाड़ी पर सास-ससुर नहीं बहू का चेहरा देख मिलेगा फूड-पैकेट:फोटो क्लिक करते ही मोबाइल पर आएगा ओटीपी,रजिस्टर में एंट्री बंद
उदयपुर,डीपी न्यूज़ नेटवर्क । देशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब गर्भवती महिला का चेहरा देखकर की पोषाहार यानी फूड पैकेट दिया जाएगा। इससे पहले इससे पहले गर्भवती के सास-ससुर या परिवार के अन्य सदस्यों को भी पोषाहार दे दिया जाता था। इस पर अब जल्द ही रोक लगने वाली है। नई व्यवस्था के तहत देश भर में फेस कॉग्निजेशन सिस्टम (FRS) सिस्टम शुरू किया गया है। इसे 1 अप्रेल से अनिवार्य किया जाएगा। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पिछले दिनों उदयपुर हुए राष्ट्रीय चिंतन शिविर में सभी राज्यों को डेटलाइन दी गई थी। प्रदेश में इस पर 1 जनवरी 2025 से काम शुरू हो चुका है। प्रदेश के सभी जिलों में इस पर काम तेजी से किया जा रहा है। यह पूरा होते ही टेक होम राशन (THR) FRS सिस्टम से ही दिया जाएगा। प्रदेश में करीब 45 लाख रजिस्टर्ड लाभार्थी है, जिन्हें ये फायदा मिलेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग उदयपुर के उप निदेशक एनएल मेघवाल ने बताया- उदयपुर जिले में करीब 25 हजार लाभार्थियों की FRS के जरिए केवाईसी कर ली है। इसके लागू होने से लाभार्थियों को सीधे पोषाहार मिलेगा और उनकी केंद्र पर सहभागिता भी बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि उदयपुर जिले में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। कई ब्लॉक में इसी सिस्टम से गर्भवती महिलाओं को पोषाहार पैकेट दिया जा रहा है। जिले में करीब 1 लाख 60 हजार लाभार्थी महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायकों की जिम्मेदारी रहेगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के स्मार्ट फोन में ‘पोषण ट्रेकर एप’ में फेस कॉग्निजेशन सिस्टम (FRS) को जोड़ दिया गया है। इस सिस्टम के जरिए उनके बारे में पूरी जानकारी जोड़ी जाएगी। जिलों में संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थियों के नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और फोटो को इस सिस्टम पर लेने के लिए केवाईसी की जा रही है।
केवाईसी होने के बाद लाभार्थी को पोषाहार देने से पहले फेस इस एप पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कैप्चर करेंगे। फेस मैच होते ही एक ओटीपी उनके नंबर पर आएगा। इतना होते ही उसको टेक होम राशन (THR) इसी सिस्टम से दिया ।
पहले भी पोषण ट्रेकर एप पर काम होता था लेकिन उसमें लाभार्थियों की केवल जानकारी रजिस्टर में अपडेट होती थी। इससे पहले 2017 में कॉम्पकेयर एप था, जिसमें लाभार्थियों की जानकारी अपलोड की जाती थी। बाद में एप बंद कर दिया गया था।
आंगनबाड़ी केंद्र मुख्य रूप से 0 से 6 साल के बच्चों, गर्भवती/धात्री महिलाओं और किशोरी बालिकाओं के लिए योजनाओं को संचालित कर रहा हैं।
0 से 6 साल के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जानकारी लेती है। महिलाओं को हर महीने पोषाहार पैकेट दिए जाते है।
