उदयपुर को मिली नई पहचान : लेकसिटी अब वेटलैंड सिटी भी बना,दुनिया के 31 देशों में लेकसिटी का नाम; रामसर कन्वेंशन ने दी मान्यता
उदयपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । झीलों की नगरी के नाम से देश-दुनिया में विख्यात उदयपुर शहर अब दुनिया में वेटलैंड सिटी के नाम से भी जाना जाएगा। रामसर कन्वेंशन की स्थायी समिति की बैठक में भारत से दो शहरों को वेटलैंड सिटी की मान्यता दी गई है इसमें राजस्थान से उदयपुर और मध्यप्रदेश से इंदौर शहर है। वेटलैंड सिटी एक्रिडिटेशन (WCA) शहरी आर्द्रभूमि की सुरक्षा के लिए उठाए गए अहम कदम पर दिया गया है।केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर शुक्रवार रात उदयपुर और इंदौर का वेटलैंड सिटी के लिए चयन होने की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा- यह पहल उन शहरों को अंतरराष्ट्रीय पहचान और सकारात्मक ब्रांडिंग का अवसर प्रदान करती है, जो अपने वेटलैंड्स की महत्ता को समझते हैं और उनका संरक्षण करते हैं। दुनिया के 31 शहर इस सूची में शामिल है जिसमें भारत के उदयपुर और इंदौर शहर शामिल हैं।
दरअसल, 2015 में रामसर कन्वेंशन के 12वीं कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज में शुरू की गई वेटलैंड सिटी मान्यता उन शहरों को दी जाती है, जो अपने वेटलैंड्स को संरक्षित करने और शहरी विकास सुनिश्चित करने में बेहतर योगदान देते हैं।
जैसे-जैसे शहर बढ़ते हैं और भूमि की मांग बढ़ती है, वैसे-वैसे आर्द्रभूमि पर अतिक्रमण की प्रवृत्ति बढ़ती जाती है। शहरी आर्द्रभूमियों को संरक्षित करने वाले शहरों का वेटलैंड सिटी के लिए आवेदन किया और उनमें से उनका चयन किया गया।
उदयपुर शहर और आसपास के अलावा जिले में जलाशय बड़ी संख्या में है। शहर के बीच पिछोला, फतहसागर, गोवर्धन सागर, रूपसागर, बड़ी आदि झीलें हैं। जिले के मेनार को बर्ड विलेज के नाम से जाना जाता है। हर साल यहां हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं। कुछ प्रजातियों को यहां की आबोहवा इतनी रास आई कि वे यहीं के होकर र रह गए हैं। इन झीलों और जलाशयों के किनारे वेटलैंड साइट है।
उल्लेखनीय है कि देश के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राजस्थान के उदयपुर,मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर शहरों के लिए आर्द्रभूमि पर रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत वेटलैंड सिटी प्रमाणन (डब्ल्यूसीए) के लिए नामांकन भेजे थें इन शहरों में और उसके आसपास स्थित आर्द्रभूमि अपने नागरिकों को बाढ़ विनियमन, आजीविका के अवसरों, मनोरंजक और सांस्कृतिक मूल्यों के संदर्भ में अनेक लाभ प्रदान करती है।
