नाबालिग का यौन शोषण और देह व्यापार में बेचने का प्रयास करने वाली महिला को उम्रकैद की सजा : कोर्ट ने कहा- महिला होकर नाबालिग का दर्द नहीं समझा;ऐसी महिला समाज के लिए कैक्टस
जयपुर,डीपी न्यूज़ नेटवर्क । महानगर प्रथम की पॉक्सो कोर्ट-2 ने नाबालिग का यौन शोषण करवाने और देह-व्यापार के लिए उसे बेचने का प्रयास करने वाली महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जज तिरुपति कुमार गुप्ता ने महिला को अंतिम सांस तक जेल में रखने का फैसला सुनाते हुए टिप्पणी करते हुए कहा- आरोपी ने महिला होकर एक नाबालिग के दर्द को नहीं समझा। ऐसा अपराध करने वाली महिला समाज में कैक्टस के समान है। कोर्ट ने इसी मामले में साजिश में शामिल होने के आरोप में तीन महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश (UP) के शिकोहाबाद की रहने वाली करिश्मा उर्फ कस्सो पर 61 हजार का जुर्माना भी लगाया है। किशोर न्याय बोर्ड इस मामले में पहले ही महिला के बेटे (नाबालिग) और रेप के दोषी को 3 साल के लिए भीलवाड़ा स्थित सुरक्षित गृह भेजने का आदेश दे चुका है। महिला ने यूपी ले जा कर अपने बेटे से भी नाबालिग का रेप करवाया था।
जानकारी के अनुसार, जयपुर के गलता गेट थाने में जुलाई 2024 में नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने नाबालिग को डेढ़ माह बाद बरामद किया था। नाबालिग ने पुलिस को बताया था कि उसे घर से पैदल ही खोले के हनुमान मंदिर ले जाया गया।
इसके बाद सिंधी कैंप से आगरा वाली बस से शिकोहाबाद ले जाया गया, जहां करिश्मा ने अपने बेटे से उसका रेप करवाया। इसके बाद बबलू नाम के व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया। उसके साथ ज्यादती की गई और गर्म चिमटे से दागा गया।
नाबालिग ने बताया था कि उसने देह-व्यापार में शामिल होने से इनकार किया तो उसे मंजू नाम की महिला के घर फिरोजाबाद ले जाया गया। उसके देह व्यापार के लिए राजी नहीं होने पर बबली नाम के महिला से मिलवाया, जिसने उसे मुक्त कराया। कोर्ट ने इस मामले में करिश्मा को अंतिम सांस तक जेल में रखने का आदेश दिया, वहीं पुलिस की ढिलाई पर सवाल भी उठाए। कोर्ट ने अपराध में सहयोग करने के आरोप में नैना, उसकी बेटी सपना, फिरोजाबाद निवासी मंजू व बबलू सिंह को गिरफ्तारी वारंट के जरिए तलब किया है।
