जन्मदात्री एवं गौ माता दोनों ही समान है : कृष्ण किंकर
डीपी न्यूज नेटवर्क,बांसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ गौशाला बांसड़ा में सप्तम दिवस की राम कथा के अवसर पर कथा प्रवक्ता कृष्ण किंकर महाराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि जीवन में दो व्यक्तियों का एहसान कभी नहीं चुकाया जा सकता प्रथम है हम सबको जन्म देने वाली माता और दूसरा गौ माता इन के आधार से मानव जीवन व्यवस्थित संचालन होता और पंचगव्य से शरीर को पुष्टता प्राप्त होती है। इसलिए गौ सेवा का संकल्प सभी को लेकर आगे बढ़ना चाहिए जिससे जीवन में सारे शुभ कार्यों का संचालन गांव की कृपा से प्राप्त हो सके। राम कथा में प्रभु श्री राम के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए जटायू से प्रेम एवं उनके सद्गति कर गोलोक दान भेजना हनुमान जी के माध्यम से सुग्रीव से मित्रता ,लंका पर आक्रमण मेघनाथ रावण आदि राक्षसों का वध कर सीता को अयोध्या से लाया जाना। भारत के वचन को याद कर प्रभु श्री राम का आगमन 14 वर्ष पूर्ण होते ही अयोध्या की धरती पर होता है। सभी लोग पलक पापड़ बेचकर उनका स्वागत अभिनंदन करते हैं लेकिन लोकोपवाद सर्वत्र छाया रहता है इसी क्रम में सीता के ऊपर कुछ लोगों ने आक्षेप लगाए श्री राम द्वारा सीता का त्याग कर वन गमन होना वाल्मीकि आश्रम में सीता के दो पुत्र रतन की प्राप्ति , अश्वमेध आदि यज्ञ के माध्यम से लव और कुश का राम से मिलन , राम की राज्यसभा में लव कुश द्वारा रामचरित्र को प्रस्तुत कर जैन समाज को आश्चर्य में डाल देना आदि प्रसंगों को कथा में व्यक्त कर सभी ने राम भक्ति में खो गए। महाराज ने कथा में विशेष रूप से विचार प्रकट किया की अपना कल्याण चाहते हो तो नित्य को ग्रास निकालने की घर में परंपरा प्रारंभ करें। जन्मदिन पाश्चात्य संस्कृति की तरह न करके भारतीय संस्कृति की ओर गौ की शरण में आकर गौशाला में मनाया जाए जिससे गौ माता का सबको आशीर्वाद प्राप्त हो। कथा में आए अतिथियों का स्वागत देवराम व्यास रामेश्वर लाल व्यास हीरालाल व्यास गिरधरलाल पालीवाल मदनलाल चौबीसा, ने किया।
