कर्जा उतारने के लिए खुद की मौत की साजिश रची, फर्जी बीमा क्लेम उठाने की कोशिश : गरीब व्यक्ति को मोहरा बनाया ,शराब पिलाकर ट्रक से कुचला; लाश के पास रखे अपने दस्तावेज
बांसवाड़ा, डीपी न्यूज नेटवर्क । सल्लाेपाट क्षेत्र के झेर बड़ी गांव में नेशनल हाइवे 6 दिन पहले मिले मृत मिला अज्ञात व्यक्ति काेटा का ताेफान बैरवा था। उसकी ट्रक से कूचलकर हत्या की गई थी। कर्जा उतारने के लिए खुद की माैत की झूठी कहानी घढ़ने की चाैंकाने वाली साजिश का सल्लाेपाट पुलिस ने खुलासा किया है। जिसमें कर्जा उतारने के लिए खुद की सड़क हादसे में माैत दिखाकर बीमा क्लेम हासिल करने की साजिश रची गई। इस साजिश में सड़क हादसे में माैत दिखाने के लिए एक भिखारी काे माेहरा बनाया गया। भीखारी काे गुजरात में काम दिलाने का झांसा दिलाकर शराब पिलाई गई। रास्ते में एक अन्य आरोपी की मदद से ट्राेले से कुचलकर मार दिया गया और शव के पास आरोपी ने अपने दस्तावेज छाेड़ दिए ताकि सब उसकी माैत हाेना समझे। सब कुछ प्लान के मुताबिक भी हुआ। पुलिस ने भी दस्ताेवज के आधार पर परिजनाें काे बुलाया। लेकिन परिजनाें ने शव पहचानने से इनकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस काे संदेह हुआ और जांच शुरू की ताे यह हैरान करनी वाली साजिश सामने आई।
पुलिस ने वारदात में शामिल मददगार दाेस्त चित्ताैड़गढ़ के गरदाना क्षेत्र के भैरूलाल नायक और चालक आकोला खुर्द के ईब्राहीम खान काे गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी अजमेर के गुवारड़ी क्षेत्र निवासी नरेंद्रसिंह रावत काे पुलिस तलाश रही है।
दरअसल, नेशनल हाईवे 56 पर झेर बड़ी गांव में 1 दिसंबर काे अज्ञात वाहन से कुचला एक व्यक्ति का शव मिला था। शव के पास मिले दस्तावेज से शव नरेंद्रसिंह रावत का हाेने की आशंका पर पुलिस ने उसके परिजनाें काे बुलाया। परिजन बांसवाड़ा पहुंचे लेकिन शव काे पहचानने से इनकार कर दिया। दाे दिन पहले पुलिस ने नगर पालिका के जरिए शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। पुलिस ने जिस नरेंद्रसिंह के दस्तावेज मिले थे उसी के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया। जिस पर पता चला कि नरेंद्रसिंह पर काफी कर्जा है और कई बीमा करवा रखे हैं। पुलिस काे यह भी जानकारी मिली कि नरेंद्रसिंह का गरदाना के दिव्यांग भैरूलाल से दाेस्ती है। वह भीख मांगता है। जिसके बाद पुलिस भैरूलाल तक पहुंची। पहले ताे भैरूलाल ने सिर्फ दाेस्ती हाेना बताया लेकिन पुलिस सख्ती के बाद वह टूट गया और पूरी साजिश के बारे में बता दिया। भैरूलाल ने बताया कि वह नरेंद्रसिंह काे रामदेवरा मेले में मिला था, जिसके बाद दाेनाें की दाेस्ती हाे गई थी। नरेंद्र ने उसे बताया कि उसे एक बिना दस्तावेज वाला व्यक्ति चाहिए। जिसके बाद 26 नवंबर काे नरेंद्रसिंह एक कचरा बीनने वाले व्यक्ति ताेफान काे रामदेवरा से लेकर आया।
भैरूलाल ने अपने चालक दाेस्त काे साजिश में शामिल किया मारने लिए के एक व्यक्ति मिल जाने के बाद आराेपियाें काे एक चालक की जरूरत थी जाे ताेफान काे कुचलकर मार दे।
क्याेंकि, भैरूलाल पहले चालक रहा था इसलिए उसकी पहचान में अपने मित्र इब्राहिम से संपर्क किया। इब्राहिम ट्रेलर लेकर गुजरात तरफ गया हुआ था। इसलिए चार दिन तक दाेनाें आरोपी ताेफान काे शराब पिलाते हुए घुमाते रहे। 30 नवंबर को इब्राहिम ट्रेलर लेकर साजिश के तहत तय जगह लक्ष्मीपुर निंबाहेड़ा होटल पर आ गया। वहां पर तीनों ने प्लान बनाया और आपस में सौदा तय कर लिया।
नरेंद्र ने भैरूलाल को 85 हजार और इब्राहीम काे 65 हजार देने का भराेसा दिया। जिसके बाद ताेफान काे गुजरात में काम धंधा करने का झांसा देकर ट्रेलर में बिठाकर साथ ले गए। कलिजरा के समीप पहुंचकर गाड़ी रोककर ताेफान को खुब शराब पिलाई, जिससे वह बेसुध हाे गया। इसके बाद सल्लाेपाट क्षेत्र के झेर चाेकी के आगे बाेर डाबरा के सूनसान जगह पर गाड़ी रोककर बेसुध पड़े ताेफान काे सीमेंट से भरे ट्रेलर के टायरों के नीचे डाल दिया और ऊपर गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी। इसके बाद टेलर काे आगे लीमड़ी गुजरात की तरफ ले जाकर चालक इब्राहिम आगे रवाना हो गया। नरेंद्र व भैरूलाल वापस रोडवेज बस में बैठकर शव को देखते हुए वापस भैरूलाल के घर लाैट आए।
