उदयपुर डिप्टी मेयर पारस सिंघवी ने अपना चैंबर खाली किया,सरकारी गाड़ी छोड़ी ; बोले – विधायक जिद्द न करें, उदयपुर की भलाई के लिए एलिवेटेड रोड की ड्राइंग में संशोधन कराए

उदयपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । शहर के एलिवेटेड रोड के शिलान्यास समारोह में नहीं आए भाजपा बोर्ड के डिप्टी मेयर पारस सिंघवी ने आज अपना चैम्बर और सरकारी गाड़ी छोड़ दी है। सिंघवी ने कहा- उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन जिद्द न करें और उदयपुर की भलाई के लिए एलिवेटेड रोड की ड्राइंग में संशोधन कराए।

नगर निगम में 18 नवंबर को एलिवेटेड रोड का भूमि पूजन समारोह था, जिसमें पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया शामिल हुए थे। कार्यक्रम में डिप्टी मेयर पारस सिंघवी के शामिल नहीं होने का कारण वे पारिवारिक बता रहे थे। इससे परे सिंघवी अपने चैम्बर से सामान खाली कर ले गए। उन्होंने नगर निगम की गाड़ी भी लौटा दी।

मेयर जीएस टांक को इस बारे में पता चला तो वे पारस सिंघवी के घर पहुंच गए। सिंघवी को निगर निगम लेकर आए। मीडिया से बातचीत में सिंघवी ने कहा- मेयर का वे बहुत सम्मान करते है और शिष्टाचार के नाते वे घर आए। वे साथ लेकर आए तो मैं आ गया। सिंघवी ने कहा कि वे पांच साल पहले 19 नवंबर को पार्षद बने। उस दिन शपथ ली थी तो 19 को ही उन्होंने नगर निगम छोड़ने का फैसला कर लिया। वे चैम्बर और गाड़ी छोड़कर चले गए।

सिंघवी बोले- कार्यकाल खत्म होने से उन्होंने ऐसा किया। अगर सरकार बोर्ड का कार्यकाल बढ़ा देती है तो वे वापस पद संभाल लेंगे। सिंघवी ने कहा कि उनकी किसी से कोई नाराजगी नहीं है। बस एलिवेटेड रोड की ड्राइंग को लेकर आपत्ति है। उदयपुर की जनता नीचे 15 फीट की सड़क पर कैसे जाएंगी यह सोचने वाली बात है।

डिप्टी मेयर सिंघवी ने कहा कि हमारे एमएलए जिद पर चढ़ाने और नाक पर इज्जत का सवाल लेकर हमारी बेइज्जती करना चाहते है थे तो यह उनका सोचना है। मैंने किसी की बेइज्ज्ती नहीं की और न करुंगा। एलिवेटेड रोड की ड्राइंग को लेकर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, विधायक ताराचंद जैन, मेयर जीएस टांक और कलेक्टर अरविंद पोसवाल को अब भी विचार करना चाहिए।

सिंघवी ने कहा कि एलिवेटेड रोड पर भले ही मेरी होटल आ रही है लेकिन मै भी तो सबके साथ हूं। मेरा कोई विरोध नहीं है। मेरा विरोध तो इतना है कि इस एलिवेटेड रोड से 80 प्रतिशत लोगों को फायदा हो ऐसा काम ड्राइंग में करना चाहिए। रेलवे स्टेशन के पहले वाली फाटक से एलिवेटेड रोड चढ़ाए। इससे पूरी कच्ची बस्ती ढक जाएगी। 90 डिग्री के कर्व जहां आ रहे है उनको सीधा किया जाए। इसमें बजट बढ़ जाए तो बढ़ जाए, जमीन अवाप्त कर उनको डीएलसी दर से राशि दे दी जाए। बस हम तो इतना सा चाहते है और वह ही शहर हित के लिए।

सिंघवी ने कहा कि मेयर जीएस टांक से मेरी कोई नाराजगी नहीं है। उनका मै बहुत सम्मान करता हूं। वो वैसे ही मेरे घर आए। मैंने कहा कि मेरा कार्यकाल खत्म हो गया तो मैं निगम अब नहीं आऊंगा। अगर सरकार कार्यकाल आगे बढ़ाएगी तो मै काम करुंगा। मेयर ने कहा नहीं मेरे साथ चलना होगा तो मैं उनका सम्मान करते हुए उनके साथ आ गया लेकिन मै अब कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, मेरा कार्यकाल खत्म हो गया है।

सिंघवी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में मैंने उदयपुर शहर से टिकट मांगा नहीं दिया मेरी नाराजगी थी तो मैंने सामने रखी। मैंने तो इतना ही कहा था कि मेरा भी हक है। बाद में सबने मुझे समझाया तो मै मान गया। तब मैं पार्टी को जीताने में लग गया। तब भाजपा प्रत्याशी ताराचंद जैन ने कहा कि मै कभी द्वेष भाव नहीं रखुंगा लेकिन आज वे विधायक बन गए तो द्वेष भाव रख रहे है। इतना कहता हूं कि जिद मत करो एमएलए साहब, एक साल तो निकल गया और चार साल भी निकल जाएंगे।

सिंघवी ने कहा कि मै मेरी पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता हूं, रहूंगा। मै आरएसएस का स्वयंसेवक हूं। जो करुंगा डंके की चोट से करुंगा। जीवन के अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और करता रहूंगा। पार्टी के हित में काम करुंगा, मै कहीं नहीं जाने वाला हूंआगे चुनाव में पार्टी जो दायिंत्व देगी वह करुंगां पार्टी कहेगी तो मुस्लिम इलाका खांजीपीर से चुनाव लड़ना तो लडूंगा और पार्टी कह देगी नहीं लड़ना तो नहीं लडूगा।

उदयपुर शहर के सिटी रेलवे स्टेशन से कोर्ट चौराहा स्थित कलेक्टर बंगले के आगे बंशी पान तक करीब 2.7 किमी लंबा एलिवेटेड रोड बनेगा। निर्माण के लिए नगर निगम उदयपुर ने 179.14 करोड़ की निविदा निकाली थी। डीपीआर में अनुमानित लागत 208 करोड़ रुपए आंकी गई थी। टेंडर में 12 एजेंसियों ने हिस्सा लिया। सबसे कम दर वाली एजेंसी ट्रांसरेल लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड इसे 136.89 करोड़ में बनाने को तैयार हुई।

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