उदयपुर : AQI 305 तक पहुंचा,दिवाली पर 198 था AQI, 15 दिन में बढ़कर 305 तक पहुंचा; पिछले साल 205 तक सीमित रहा था
उदयपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । हरी-भरी वादियों और जलस्त्रोतों से घिरे होने के बावजूद उदयपुर में वायु प्रदूषण का स्तर दिवाली के 15 दिन बाद तक भी हानिकारक बना रहा। दिवाली पर इस बार एक नवंबर को एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 198 पर था। सेहत के लिए यह 100 या इससे नीचे ही अच्छा माना जाता है। दो नवंबर को यह बढ़कर 260 तक पहुंच गया। 11 नवंबर को 268 तक पहुंचने के बाद 15 नवंबर को इसने सर्वाधिक 305 का आंकड़ा छू लिया था। शनिवार के बाद से इसमें गिरावट शुरू हुई। यह 146 दर्ज हुआ। 4 दिन में और गिरावट हुई और यह 19 नवंबर को 130 एक्यूआई पर रह गया। यह भी मध्यम की श्रेणी में नहीं है। यह सभी आंकड़ें सुबह 9 बजे के हैं। पूरे दिन में सर्वाधिक प्रदूषण अलसुबह दर्ज होता है। 24 घंटों के औसत एक्यूआई से इसमें अंतर रहता है।
पिछले साल की बात करें तो 12 नवंबर को दीपावली थी। इसके अगले दिन एक्यूआई का स्तर 211 पर पहुंच गया था। यह 26 नवंबर तक यानी करीब 14 दिन तक 150 से 250 के बीच बना रहा। इसके बाद 27 नवंबर को शहर में तेज बारिश हुई। इससे हवा साफ हुई और एक ही दिन में एक्यूआई का स्तर 204 से गिरकर 63 पर आ गया।
बारिश थमी तो तीन दिन बाद 30 नवंबर से एक्यूआई फिर बढ़ने लगा। लेकिन 3 दिसंबर को फिर से बारिश हुई थी। इससे प्रदूषण कंट्रोल में रहा। पीएम 2.5 और पीएम 10 भी 100 से नीचे रहने चाहिए, लेकिन इस साल दिवाली एक पर नवंबर को ये क्रमश: 196 व 198 पर थे। शनिवार को पीएम 2.5 का स्तर 146 तो पीएम 10 का 134 रहा।
- एक्यूआई बढ़ने के पीछे तापमान में गिरावट, त्योहार व शादी का सीजन होने से वाहनों में वृद्धि, इस दौरान चलाए जाने वाले पटाखे, निर्माण कार्य, धूल-मिट्टी जैसे कई कारण हैं।
- आगामी दिनों में तापमान गिरने से एक्यूआई और बढ़ सकता है।
- सर्दियों में धूल व गैस के कण हवा में ज्यादा देर तक ठहरते हैं।
- प्रदूषण बढ़ने से सबसे ज्यादा परेशानी सांस के मरीजों को होती है। खांसी, जुकाम, सांस फूलना, सांस लेने में कठिनाई आदि समस्या रहती है। ओपीडी में भी मरीज आ रहे हैं।
