‘गोगुंदा के जंगलों में BAP ने तो लेपर्ड नहीं छोड़े’ : उदयपुर सांसद रावत ; सांसद बोले – BAP पार्टी भ्रम फैला रही, कानूनी कार्यवाही हो ; BAP कार्यकर्ताओं के आरोपों का फेसबुक पोस्ट के जरिए दिया जवाब
उदयपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । उदयपुर की गोगुंदा-झाड़ोल तहसील में करीब एक महीने से लेपर्ड की दहशत बनी हुई है। यहां लेपर्ड नौ लोगों की जान ले चुका है। वन विभाग और प्रशासन तमाम कोशिशों के बाद भी लेपर्ड को तो नहीं पकड़ पाया, लेकिन अब इस पर राजनीति जरूर शुरू हो गई है। भारतीय आदिवासी पार्टी(BAP) के कार्यकर्ताओं के आरोपों का उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने फेसबुक पोस्ट के जरिए जवाब दिया है। सांसद ने पोस्ट में लिखा- ‘गोगुंदा-सायरा के जंगलों में ये लेपर्ड कहीं BAP ने तो नहीं छोड़े।’ गौरतलब है कि BAP के कार्यकर्ताओं ने कुछ दिन पहले आरोप लगाया था कि आदिवासी इलाकों में लेपर्ड को जानबूझकर लाया गया है। ये आदिवासी समाज को खत्म करने की योजना है।

गोगुंदा में लेपर्ड ने अब तक 7 लोगों का शिकार कर चुका है। वहीं, झाड़ोल में दो लोगों काे मारा है। सर्च ऑपरेशन के 23 दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में भी आदमखोर तेंदुआ कैप्चर नहीं हो पाया है। वन विभाग अभी भी पगमार्क के जरिए ही अनुमान लगा रहा है। उदयपुर सांसद ने मंगलवार रात को अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट शेयर की थी। पोस्ट में सीधे तौर पर बाप पार्टी को निशाना बनाया गया।
पोस्ट में सांसद ने लिखा- ‘गोगुंदा-सायरा के जंगलों में ये लेपर्ड कहीं BAP पार्टी ने तो नहीं छोड़े।’
पोस्ट को लेकर सांसद मन्नालाल रावत ने कहा- इस मुददे पर लगातार बीएपी वाले सोशल मीडिया और अन्य जगहों पर आक्रमण कर रहे हैं। भ्रम फैलाने के लिए कह रहे हैं- ‘बीजेपी वालों ने तो लेपर्ड नहीं छोड़े, आदिवासियों को जंगल से भगाने के लिए।’ मैंने भी फेसबुक के जरिए सवाल पूछ लिया। ये मेरा बयान नहीं है। मेरा तो इतना सा है कि कहीं इनका षडयंत्र तो नहीं है इसलिए जनता से पूछा है ताकि किसी को ध्यान होगा तो मुझे बताएंगे।
आदमखोर लेपर्ड के आतंक की शुरुआत होते ही हम स्वयं उस क्षेत्र में पहुंचे। पूरे घटनाक्रम पर अधिकारियों की बैठक ली। पीड़ितों को राहत और मुआवजे की व्यवस्था की – सांसद रावत
