बाल विवाह की सूचना पर तीन दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं,थानाधिकारी पर लापरवाही ओर मिलीभगत का आरोप
उदयपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । ज़िले के भिंडर थाना क्षेत्र के दौलतपुरा गांव में बाल विवाह की सूचना के बावजूद तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न करने पर पुलिस पर लापरवाही और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे हैं । सामाजिक कार्यकर्ता गौरव नागदा ने थानाधिकारी पूनाराम गुर्जर पर जानबूझकर मामले को दबाने और अपराधियों से सौदेबाजी करने का आरोप लगाया है । गौरव नागदा ने बताया कि उन्होंने 13 अक्टूबर 2024 को थानाधिकारी को ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से 12 अक्टूबर की रात को हुए बाल विवाह की पूरी जानकारी मय फोटोग्राफ्स भेजी थी । इसके साथ ही फोन पर भी घटना की सूचना दी थी । इसके बावजूद, अब तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है और कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है ।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि भिंडर पुलिस ने पिछले तीन दिनों में गांव दौलतपुरा और पदमपुरा में कई चक्कर लगाए, लेकिन बिना किसी रिपोर्ट दर्ज किए वापस लौट आई । उन्होंने कहा कि पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है और अपराधियों से मिलीभगत में लगी हुई है । गौरव नागदा ने कहा कि थानाधिकारी को शायद कानूनी प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है, क्योंकि ईमेल के माध्यम से मिली शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज की जा सकती है । उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समिति द्वारा पत्र लिखे जाने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी को हिरासत में नहीं लिया गया है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह मामला दो नाबालिग बच्चियों के बाल विवाह का है, जिनकी उम्र क्रमश: 15 और 17 वर्ष है । थानाधिकारी की गंभीर लापरवाही के चलते अब तक इन बच्चियों को पुलिस ने बरामद नहीं किया है । गौरव नागदा ने मांग की है कि थानाधिकारी पूनाराम गुर्जर को तुरंत निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ राजस्थान पुलिस अधिनियम 2007 और राजस्थान पुलिस सेवा नियम 1976 के तहत कार्रवाई की जाए । उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करवाना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों का मूल अधिकार है, जिसका उल्लंघन हो रहा है ।
